फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   PAU again became the country's top ranked university

Panchkula News: फिर देश की शीर्ष रैंकिंग यूनिवर्सिटी बनी पीएयू

Wed, 18 Jun 2025 12:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
PAU again became the country's top ranked university
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

लुधियाना। इंडियन इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) की ओर से जारी 2025 की रैंकिंग में पीएयू ने देश के 67 राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में पहली रैंकिंग हासिल की है। इस रैंकिंग के अनुसार पीएयू ने देश भर के 78 कृषि संस्थानों में दूसरी रैंक भी हासिल की है। इन 38 संस्थानों में आईसीएआर की स्वायत्त यूनिवर्सिटी, केंद्रीय कृषि यूनिवर्सिटी और आईसीएआर के संस्थानों के अलावा कृषि और बागवानी संस्थान शामिल हैं। पीएयू से बेहतर रैंकिंग सिर्फ आईसीएआर-आईएआरआई की है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यह रैंकिंग अकादमिक, शोध, प्लेसमेंट, औद्योगिक संपर्क, फैकल्टी की गुणवत्ता, विविधता और संस्थागत नवाचारों के आधार पर दी जाती है।
इस मौके पर पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि इस रैंकिंग ने एक बार फिर शोध और शिक्षा के क्षेत्र में पीएयू के योगदान की प्रासंगिकता साबित कर दी है। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष संस्थानों में अग्रणी भूमिका निभाकर पीएयू की विरासत को पहचाना जा सकता है। यह उपलब्धि पीएयू के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों और समर्पण का नतीजा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने शिक्षण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने के साथ-साथ उच्च स्तरीय शोध और किसानों तक तकनीक पहुंचाने का अभूतपूर्व काम किया है।
विज्ञापन

डॉ. गोसल ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी भारतीय कृषि में अपना महत्वपूर्ण योगदान जारी रखेगा। इस रैंकिंग के बारे में बात करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. ऋषिपाल सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय बदलते समय के साथ तालमेल बिठाने और समय के साथ तालमेल रखने की पीएयू की प्रतिबद्धता को दिया। डीन पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज डॉ. मानव इंद्र सिंह गिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय श्रेणी का कृषि संस्थान और शीर्ष श्रेणी का कृषि विश्वविद्यालय बनना गर्व की बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीएयू 6 कॉलेजों के 35 विभागों और 10 क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों से जुड़ी हुई है। अब तक पीएयू ने विभिन्न फसलों की 950 से अधिक किस्में विकसित की हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में किस्मों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर खेती के लिए की गई है। इसके साथ ही कृषि मशीनरी में भी पीएयू ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा योगदान दिया है और कृषि की दिशा और दशा बदलने का काम किया है।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2023 और 2024 के लिए जारी एनआईआरएफ रैंकिंग में पीएयू को लगातार दो वर्षों से कृषि विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान मिला है। इन उपलब्धियों ने निर्विवाद रूप से देश भर के कृषि संस्थानों के बीच पीएयू की उत्कृष्टता और सर्वोच्चता स्थापित की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed