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पीजीआई चंडीगढ़ में जमा कराया दो लाख का बिल, तब मिली मरीज को छुट्टी, जानिए क्या था मामला
Wed, 26 Feb 2020 12:51 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 12:51 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर में भर्ती यमुनानगर के 80 वर्षीय नरेंद्र कुमार मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी कराकर घर चले गए। अपने परिवार के बीच पहुंचकर उनका कहना था कि अगर एक दिन और अस्पताल में रहना पड़ता तो शायद मैं नहीं बचता।
पिछले सोमवार को हार्ट की सर्जरी (एनीरीजम का इलाज) होने के बाद से भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के कारण कार्डियक सेंटर से उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा था। इससे वे तनाव में थे। सर्जरी से पहले दो लाख और उसके बाद साढ़े चार लाख रुपये की मांग किए जाने से मरीज और उसके परिजन परेशान थे। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया, तब पीजीआई प्रशासन जागा।
एडवांस कार्डियक सेंटर के एचओडी डॉ. यशपाल के निर्देश पर मरीज के बेटे सुशील से सर्जरी के पहले तय किए गए खर्च का भुगतान कराया गया। सुशील ने बताया कि उसने मंगलवार की सुबह एक लाख 25 हजार रुपये पीजीआई में जमा कर दिए हैं। बाकी के 75 हजार रुपये वे तीन किस्तों में जमा करेंगे, जिसकी अनुमति पीजीआई ने उन्हें दी है। प्रकरण के बाद कार्डियक सेंटर में सर्जरी के बिल को लेकर लिखित प्रोफार्मा तैयार करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे भविष्य में बिल भुगतान को लेकर फिर कोई विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो पाए।
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बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराकर मरीज को छुट्टी दे दी गई है। इस तरह की शिकायतों को दूर करने के लिए शीघ्र ही ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बहाल की जाएगी, जिससे इलाज के बाद भुगतान को लेकर कोई विवाद न उत्पन्न हो पाए।
- डॉ. यशपाल, एचओडी, एडवांस कार्डियक सेंटर, पीजीआई
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पिछले सोमवार को हार्ट की सर्जरी (एनीरीजम का इलाज) होने के बाद से भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के कारण कार्डियक सेंटर से उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा था। इससे वे तनाव में थे। सर्जरी से पहले दो लाख और उसके बाद साढ़े चार लाख रुपये की मांग किए जाने से मरीज और उसके परिजन परेशान थे। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया, तब पीजीआई प्रशासन जागा।
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एडवांस कार्डियक सेंटर के एचओडी डॉ. यशपाल के निर्देश पर मरीज के बेटे सुशील से सर्जरी के पहले तय किए गए खर्च का भुगतान कराया गया। सुशील ने बताया कि उसने मंगलवार की सुबह एक लाख 25 हजार रुपये पीजीआई में जमा कर दिए हैं। बाकी के 75 हजार रुपये वे तीन किस्तों में जमा करेंगे, जिसकी अनुमति पीजीआई ने उन्हें दी है। प्रकरण के बाद कार्डियक सेंटर में सर्जरी के बिल को लेकर लिखित प्रोफार्मा तैयार करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे भविष्य में बिल भुगतान को लेकर फिर कोई विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो पाए।
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बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराकर मरीज को छुट्टी दे दी गई है। इस तरह की शिकायतों को दूर करने के लिए शीघ्र ही ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बहाल की जाएगी, जिससे इलाज के बाद भुगतान को लेकर कोई विवाद न उत्पन्न हो पाए।
- डॉ. यशपाल, एचओडी, एडवांस कार्डियक सेंटर, पीजीआई