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रोडवेज यूनियन और सरकार की लड़ाई में पिसे यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:29 AM IST
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haryana roadways
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के कारण पूरा दिन यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस अड्डे पर बसें खड़ी रहीं और रोडवेज कर्मियों का प्रदर्शन जारी रहा। निजी परमिट जारी करने के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल की घोषणा की थी।
हड़ताल से लोगों के लिए एकमात्र निजी बसों और ऑटो का ही सहारा मिला। रोडवेज के चक्का जाम से ऑटो वालों से अधिक किराया वसूला। जबकि कुछ निजी संस्थानों की छात्राओं और दफ्तर से आसपास के इलाकों में आने जाने वालों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर सोमवार रात 12 बजे ही बसों का चक्का जाम कर कर्मी धरने पर बैठे रहे। सुबह से ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में बसों का संचालन नहीं हो सका। लेकिन लोकल रूट पर भी बसों का आवागमन बंद रहा। इस कारण रोडवेज को एक दिन में लाखों के नुकसान का भी सामना करना पड़ा।
निजी बसों में उमड़ी भीड़
सेक्टर-पांच के बस स्टैंड के पास जैसे ही निजी बसें जाने लगतीं एक साथ दर्जनों यात्री बस की तरफ भागते नजर आते।
90 रूटों की बसों का चक्का जाम
यूनियन प्रधान राजपाल ने कहा कि पंचकूला डिपो से रोजाना 115 बसों का संचालन होता है। लेकिन इससे दिल्ली, अमृतसर, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, सहारनपुर सहित आसपास के इलाकों में बसें नहीं संचालित हुईं।
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16 निजी बसों के पंचकूला डिपो में दिए परमिट
यूनियन के प्रधान राजपाल ने सरकार के इस रवैये की निंदा करते हुए कहा कि पहले हुई बातचीत के बाद भी निजी बसों को परमिट देने को लेकर सरकार ने झूठे आश्वासन दिए। इससे कर्मियों को भी काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। कर्मचारी विरोधी नीति के कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ी। प्रधान ने बताया कि पंचकूला डिपो की 16 निजी बसों के परमिट दिए गए हैं, लेकिन इसमें भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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हड़ताल से लोगों के लिए एकमात्र निजी बसों और ऑटो का ही सहारा मिला। रोडवेज के चक्का जाम से ऑटो वालों से अधिक किराया वसूला। जबकि कुछ निजी संस्थानों की छात्राओं और दफ्तर से आसपास के इलाकों में आने जाने वालों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर सोमवार रात 12 बजे ही बसों का चक्का जाम कर कर्मी धरने पर बैठे रहे। सुबह से ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में बसों का संचालन नहीं हो सका। लेकिन लोकल रूट पर भी बसों का आवागमन बंद रहा। इस कारण रोडवेज को एक दिन में लाखों के नुकसान का भी सामना करना पड़ा।
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निजी बसों में उमड़ी भीड़
सेक्टर-पांच के बस स्टैंड के पास जैसे ही निजी बसें जाने लगतीं एक साथ दर्जनों यात्री बस की तरफ भागते नजर आते।
90 रूटों की बसों का चक्का जाम
यूनियन प्रधान राजपाल ने कहा कि पंचकूला डिपो से रोजाना 115 बसों का संचालन होता है। लेकिन इससे दिल्ली, अमृतसर, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, सहारनपुर सहित आसपास के इलाकों में बसें नहीं संचालित हुईं।
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16 निजी बसों के पंचकूला डिपो में दिए परमिट
यूनियन के प्रधान राजपाल ने सरकार के इस रवैये की निंदा करते हुए कहा कि पहले हुई बातचीत के बाद भी निजी बसों को परमिट देने को लेकर सरकार ने झूठे आश्वासन दिए। इससे कर्मियों को भी काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। कर्मचारी विरोधी नीति के कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ी। प्रधान ने बताया कि पंचकूला डिपो की 16 निजी बसों के परमिट दिए गए हैं, लेकिन इसमें भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।