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Panchkula News: माता- पिता और और भाई ने किडनी देकर अपनों की बचाई जान

Fri, 10 Mar 2023 02:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Mar 2023 02:10 AM IST
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Parents and brother saved lives of loved ones by donating kidney
माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। वर्ल्ड किडनी-डे पर सेक्टर-3 स्थित होटल हॉलीडे इन में अलकेमिस्ट अस्पताल में पेशेंट कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने शिरकत की। इसमें अंगदान के लिए सेक्टर-6 सिविल अस्पताल सीएमओ मुक्ता कुमार सहित अस्पताल के अन्य डॉक्टरों ने लोगों को जागरूक किया। इस दौरान पेशेंट कनेक्ट कार्यक्रम में आए मरीजों में सामने आया कि मरीजों के माता पिता और भाई ने किडनी देकर जान बचाई है। आज के दिन वह पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। इसे लेकर लोगों ने अपने विचार व्यक्ति किए। लोगों ने कहा कि लोगों को अगर दर्द , देखने में दिक्कत होती है तो वह तुरंत डॉक्टर के पास इलाज कराने के लिए आएं
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मां ने किडनी देकर बचाई जान
कार्यक्रम में भाग लेने आए जींद के दनौदा गांव के दीपक ने बताया कि उन्हें वर्ष 2017 में किडनी खराब होने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने इलाज के दौरान उनकी मां कमला देवी ने किडनी दी। किडनी लगने छह साल बाद वह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम ने कड़ी मेहनत कर उन्हें बचाया।
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81 वर्षीय मां ने किडनी देकर बचाई जान
अंबाला स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में काम करने वाले अनिल कुमार को वर्ष 2021 में किडनी खराब होने का पता चला। इस दौरान उनकी 81 वर्षी मां तारा देवी ने किडनी देकर उनकी जान बचाई। कार्यक्रम के दौरान अनिल कुमार की पत्नी स्वर्ण लता और उनके बेटे अनुज भाग लेने आए।
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पिता ने किडनी देकर बचाई जान
यमुनानगर निवासी निशांत कुमार ने बताया कि उनके पिता समय सिंह ने उन्हें किडनी देकर जांच बचाई। उसे आंख से दिखना बंद हो गया था। इसके बाद उनका इलाज करवाया गया। उन्होंने ने बताया कि घरेलू सपोर्ट से ही उन्हें नया जीवन मिल सका।

मां बबली ने किडनी देकर बचाई जान
कुरुक्षेत्र के यारा गांव के रहने वाले संजय की किडनी वर्ष 2019 में खराब हुई। इस दौरान उनकी मां बबली ने उन्हें किडनी देकर जांच बचाई। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने इस दुख की घड़ी में उसका पूरा सपोर्ट किया। इसकेे बाद वह आज स्वस्थ है। उन्होंने कहा कभी भी बीमारी का कोई लक्षण दिखे तो लोगों को तुरंत जांच करवानी चाहिए।
भाई ने किडनी देकर बचाई जान
कार्यक्रम में भाग लेने आए जमालपुर लुधियाना पंजाब से आने वाले नीरज मित्तल ने बताया कि उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी। इसके बाद तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्होंने जांच कराई। इस दौरान उनकी किडनी खराब होने पर उनके भाई सुमित मित्तल ने उन्हें किडनी दी। उनकी पत्नी मीनाक्षी ने भी उनका बहुत सपोर्ट किया।


15 साल के बच्चे को मां ने दी किडनी
15 साल के बच्चे मुकुल सेठ को उनकी मां ईशा सेठ ने किडनी देकर नया जीवन दिया। मुकुल सेठ निवासी यमुनानगर ने बताया कि उन्हें दिक्कत होने के बाद उनके घर वालों ने उसे अस्पताल में दिखाया। इस दौरान उनके पिता रविंदर सेठ ने सभी का सपोर्ट किया। अब मुकुल पूरी तरह से ठीक है।
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