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Panchkula News: पार्किंग और लावारिस पशुओं से त्रस्त पंचकूला, सर्वे में सामने आया जनता का दर्द

Sun, 10 May 2026 01:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2026 01:49 AM IST
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Panchkula Plagued by Parking Woes and Stray Animals; Survey Reveals the Public's Distress
पार्किंग और लावारिस पशुओं से त्रस्त पंचकूला, सर्वे में सामने आया जनता का दर्द
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मेरा शहर मेरी सरकार, सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण के मुद्दे पर भी लोगों में भारी नाराजगी
66 फीसदी लोग लावारिस पशुओं से परेशान, 50 फीसदी ने कहा- सफाई व्यवस्था में सुधार की दरकार
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम चुनाव की आहट के साथ ही शहर का सियासी पारा चढ़ने लगा है। प्रत्याशी जनता के बीच जाकर लुभावने वादे कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर पंचकूला की जनता किन समस्याओं से जूझ रही है, इसे जानने के लिए अमर उजाला ने एक विस्तृत सर्वे किया। मेरा शहर मेरी सरकार अभियान के तहत पांच मुख्य बिंदुओं पर जनता की राय मांगी गई। सर्वे के जो नतीजे सामने आए हैं, वे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

पार्किंग और लावारिस पशु सबसे बड़ी मुसीबत
सर्वे में शामिल अधिकांश लोगों ने माना कि पंचकूला के बाजारों में पार्किंग की किल्लत और सड़कों पर घूमते लावारिस पशु सबसे बड़ी समस्या हैं। सेक्टर-11 और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने बताया कि पार्किंग न होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं, गांवों से जुड़े वार्डों (जैसे वार्ड 18 और 24) में लावारिस पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था ठीक न होना और बाजारों में अतिक्रमण भी जनता के लिए बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
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पारदर्शिता के लिए कैमरों की निगरानी जरूरी
नगर निगम के कामकाज को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए जनता ने कड़े सुझाव दिए हैं। सर्वे में लोगों ने मांग की है कि:

निगम का पूरा कामकाज सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होना चाहिए।
सभी प्रकार के टैक्स की वसूली पूरी तरह ऑनलाइन की जाए।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर जारी न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान हो।

जनप्रतिनिधियों का हर 6 माह में आए रिपोर्ट कार्ड
मेयर और पार्षदों की जवाबदेही तय करने के लिए जनता अब जागरूक हो चुकी है। सर्वे में शामिल लोगों ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों का हर छह महीने में रिपोर्ट कार्ड जारी होना चाहिए और इसे निगम के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए। साथ ही, वार्डों को आवंटित होने वाले फंड और उसके खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए ताकि विकास कार्यों में धांधली न हो सके।
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जनता से जुड़ा और अनुभवी हो शहर का मेयर
आपका मेयर कैसा हो? इस सवाल के जवाब में पंचकूला की जनता ने जनता से जुड़ाव को सबसे ज्यादा अहमियत दी है। लोगों की पहली पसंद ऐसा प्रतिनिधि है जो सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहे। इसके बाद लोगों ने अनुभव और उच्च शिक्षा को तरजीह दी है। युवाओं को लेकर भी लोगों का रुझान सकारात्मक है, लेकिन प्राथमिकता उन्हीं को दी जा रही है जो धरातल पर काम करने का अनुभव रखते हों।

सर्वे के मुख्य बिंदु..............
-पार्किंग, लावारिस पशु, सफाई और खराब स्ट्रीट लाइटें।
- बाजारों में पार्किंग के पुख्ता इंतजाम और घरों से नियमित कूड़ा उठाना।
-विकास कार्यों की निगरानी के लिए स्थानीय लोगों की कमेटी बने।


जनता की राय (समस्याएं) प्रतिशत
लावारिस पशु 66.6%

सफाई की कमी 50.0%

पार्किंग की किल्लत 33.3%

सड़कों की दुर्दशा 33.3%

बाजारों में अतिक्रमण 33.3%
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