पंचकूला। नगर निगम की ओर से हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पंचकूला के दो गांवों की खनन साइट की क्षमता बढ़ाने का विरोध किया जाएगा। यह निर्णय सोमवार को खनन समिति की महापौर कुलभूषण गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। कुलभूषण गोयल ने बताया कि गांव कोट एवं डबकोरी में पहले से ही खनन चल रहा है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इन दोनों साइट पर नए खनन के लिए पुन: एनवायरमेंट क्लीयरेंस के लिए एक नोटिस जारी किया गया है, जिसमें कोई भी आपत्ति दर्ज करवा सकता है। नगर निगम की ओर से इसमें आपत्ति दर्ज करवाई जाएगी। नोटिस में इन दो साइट पर पहले के मुकाबले क्षमता तीन गुणा करने की योजना है। इन साइट पर बोर्ड 2.96 एलपीटीए से बढ़ाकर 8.9 एलपीटीए क्षमता करना चाहता है। पार्षद सलीम खान ने कहा कि इन गांवों में खनन कारोबारियों ने पहले ही नदियाें में एक मीटर से बढ़कर 20 फुट से 40 फुट तक नदियां खोद दी हैं। इससे सैकड़ों एकड़ जमीन बर्बाद हो जाएगी और किसी काम नहीं आएगी। कुलभूषण गोयल ने कहा कि नगर निगम द्वारा आपत्ति दर्ज करवाकर इस क्षमता को बढ़ने नहीं दिया जाएगा। बैठक में 21 जून की बैठक में लिए गए निर्णय पर चर्चा हुई। एक्सईएन अजय पंघाल एवं अन्य अधिकारियों के साथ खनन साइट पर दौरा किया था, जिसमें पार्षद भी थे। इस दौरान खनन कंपनी के प्रबंधकों ने इनके साथ बदसलूकी की थी। कंपनी को नगर निगम की ओर से 7 दिन का नोटिस देकर खनन का बनता शेयर जमा करवाने के निर्देश दिए थे। नगर निगम की ओर से 19 जुलाई को कंपनी को नोटिस देकर राशि जमा करवाने को कहा है। गांव सुखदर्शनपुर, डबकोरी, कोट, नग्गल, अलीपुर, जलौली में तीन कंपनियों द्वारा खनन किया गया है। इन कंपनियों द्वारा एक रुपया भी नगर निगम को नहीं करवाया। नोटिस के तहत सुखदर्शनपुर के लिए 59 लाख 10 हजार रुपये, डबकोरी की 52 लाख 57 हजार रुपये, जलौली, नग्गल एवं अलीपुर की साइट के लिए 2 करोड़ 85 लाख 17 हजार रुपये की रिकवरी करनी है। कुलभूषण गोयल ने बताया कि कंपनियां राशि जमा नहीं करवाती तो आगे काम नहीं करने दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया कि जून से 15 सितंबर तक कहीं पर भी वर्षा के कारण खनन नहीं कर सकते, लेकिन उसके बाद भी खनन हो रहा है, इसलिए उन्हें भी नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में आयुक्त सचिन गुप्ता, संयुक्त आयुक्त सिमरनजीत कौर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।