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एचएमटी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2016 01:54 AM IST
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एचएमटी के कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
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एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट विजय बंसल व एचएमटी कार्मिक संघ के प्रधान मोहिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर व हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस विजेंदर जैन को ज्ञापन भेज कर एचएमटी कर्मचारियों की दयनीय स्थिति से अवगत करवाया है। ज्ञापन में बंसल ने बताया कि एचएमटी के मशीन टूल्स में कर्मचारियों को 11 माह से व ट्रैक्टर प्लांट के कर्मचारियों को 20 माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण कर्मचारियों व उन पर निर्भर परिवार की स्थिति हरियाणा सरकार द्वारा आर्थिक सहायता वाले बीपीएल परिवारों से भी बदतर हो गई है।
बंसल ने कहा कर्मचारी जहां अपने बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाने की उम्मीद टूटने लगी है। एचएमटी कर्मचारी आर्थिक तंगी के कारण ना तो अपनी लड़की की शादी कर पा रहे हैं और न उनके परिवार में कोई लड़की देने को तैयार हो रहा है। मौजूदा स्थिति ऐसी हो गई है कि कर्मचारियों के घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। कर्मचारी अपनी बीमारियों के इलाज के लिए भी असमर्थ हो चुके हैं। क्योंकि उन्हें मेडिकल खर्च वापस नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं कर्मचारियों को बैंक, रिश्तेदार व अन्य सहकारी संस्था लोन के रूप में आर्थिक सहायता करने को भी तैयार नहीं है।
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बंसल ने कहा कर्मचारी जहां अपने बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाने की उम्मीद टूटने लगी है। एचएमटी कर्मचारी आर्थिक तंगी के कारण ना तो अपनी लड़की की शादी कर पा रहे हैं और न उनके परिवार में कोई लड़की देने को तैयार हो रहा है। मौजूदा स्थिति ऐसी हो गई है कि कर्मचारियों के घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। कर्मचारी अपनी बीमारियों के इलाज के लिए भी असमर्थ हो चुके हैं। क्योंकि उन्हें मेडिकल खर्च वापस नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं कर्मचारियों को बैंक, रिश्तेदार व अन्य सहकारी संस्था लोन के रूप में आर्थिक सहायता करने को भी तैयार नहीं है।
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