{"_id":"6ae114e915365824990c305f","slug":"panchkula-has-achieved-the-global-95-95-95-hiv-control-target-panchkula-news-c-87-1-pan1010-143136-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पंचकूला ने हासिल किया एचआईवी नियंत्रण का वैश्विक 95-95-95 लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पंचकूला ने हासिल किया एचआईवी नियंत्रण का वैश्विक 95-95-95 लक्ष्य
विज्ञापन
पंचकूला। एचआईवी एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पंचकूला ने वैश्विक 95-95-95 लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसके साथ ही जिला हरियाणा के बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हो गया है। मंगलवार को लघु सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. संदीप छाबड़ा ने बताया कि वैश्विक 95-95-95 लक्ष्य के तहत एचआईवी के साथ जी रहे 95 प्रतिशत लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी होना, संक्रमित पाए गए 95 प्रतिशत लोगों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) उपलब्ध करवाना और उपचार ले रहे 95 प्रतिशत लोगों में वायरस के स्तर को नियंत्रित करना शामिल है। इन लक्ष्यों का उद्देश्य एचआईवी के प्रसार को कम करना और मरीजों के उपचार में सुधार करना है।
इस दौरान आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति भेदभाव और गलत धारणाओं को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान तेज किए जाएं। स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार के बारे में सही जानकारी मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति भेदभाव के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पात्र लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिले। बैठक में जांच केंद्रों, उपचार सुविधाओं और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि पंचकूला जिले में छह केंद्रों पर एचआईवी की मुफ्त और गोपनीय जांच के साथ परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। इनमें सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला, उपमंडलीय अस्पताल कालका, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर रानी और बरवाला, कमांड अस्पताल और पॉलीक्लिनिक सेक्टर-26 शामिल हैं। इसके अलावा जनरल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला और उपमंडलीय अस्पताल कालका में दो यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) क्लीनिक चल रहे हैं।
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में एआरटी और ओएसटी केंद्र भी संचालित हैं, जहां जरूरतमंद लोगों को उपचार और सहायता दी जाती है। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने और एचआईवी से संबंधित सेवाएं सभी पात्र लोगों तक गोपनीयता और बिना भेदभाव के पहुंचाने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. संदीप छाबड़ा ने बताया कि वैश्विक 95-95-95 लक्ष्य के तहत एचआईवी के साथ जी रहे 95 प्रतिशत लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी होना, संक्रमित पाए गए 95 प्रतिशत लोगों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) उपलब्ध करवाना और उपचार ले रहे 95 प्रतिशत लोगों में वायरस के स्तर को नियंत्रित करना शामिल है। इन लक्ष्यों का उद्देश्य एचआईवी के प्रसार को कम करना और मरीजों के उपचार में सुधार करना है।
विज्ञापन
इस दौरान आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति भेदभाव और गलत धारणाओं को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान तेज किए जाएं। स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार के बारे में सही जानकारी मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति भेदभाव के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पात्र लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिले। बैठक में जांच केंद्रों, उपचार सुविधाओं और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि पंचकूला जिले में छह केंद्रों पर एचआईवी की मुफ्त और गोपनीय जांच के साथ परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। इनमें सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला, उपमंडलीय अस्पताल कालका, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर रानी और बरवाला, कमांड अस्पताल और पॉलीक्लिनिक सेक्टर-26 शामिल हैं। इसके अलावा जनरल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला और उपमंडलीय अस्पताल कालका में दो यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) क्लीनिक चल रहे हैं।
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में एआरटी और ओएसटी केंद्र भी संचालित हैं, जहां जरूरतमंद लोगों को उपचार और सहायता दी जाती है। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने और एचआईवी से संबंधित सेवाएं सभी पात्र लोगों तक गोपनीयता और बिना भेदभाव के पहुंचाने पर जोर दिया गया।