{"_id":"5e1894438ebc3e87fe108e39","slug":"panchkula-cm-news-women-in-police-department-pkl-office-news-pkl3626894159","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस विभाग में 15 प्रतिशत होंगी महिला पुलिसकर्मी: मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस विभाग में 15 प्रतिशत होंगी महिला पुलिसकर्मी: मुख्यमंत्री
विज्ञापन
प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के मकसद से हरियाणा पुलिस विभाग में महिलाओं की संख्या पंद्रह प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। विगत पांच वर्ष में पुलिस विभाग में महिलाओं की संख्या छह प्रतिशत से बढ़कर दस प्रतिशत किया जाना एक सराहनीय कदम है। पुलिस बल में महिलाओं की संख्या बढ़ने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में महिला एवं बाल सुरक्षा के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो व इंडियन पुलिस फाउंडेशन इंस्टीट्यूट (आईपीएफआई) के सहयोग से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां 34 महिला पुलिस थाने खोले गए हैं। पहले महिला पुलिस स्टेशनों की कमी के कारण पीड़ितों को उनके खिलाफ होने वाले अपराध की रिपोर्ट करने की हिम्मत नहीं होती थी। लेकिन इन पुलिस स्टेशनों के खुलने के बाद से पीड़ित हर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवाने को आगे आ रही हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों को हर अपराध की शिकायत दर्ज करने और हर पीड़ित को न्याय दिया जाए, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषी को मृत्युदंड देने का कानून पारित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना। इसके बाद केंद्र ने भी इस कानून को पारित किया। सरकार ने महिला अपराध के संबंध में प्रारंभिक जांच के लिए पंद्रह दिन की समय सीमा निर्धारित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लिंगानुपात में वृद्धि हुई है। भ्रूण हत्या करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन हिंसा अपराधों पर मुख्यमंत्री ने कहा इनकी रोकथाम के लिए सरकार सहित समाज की जिम्मेदारी भी है। युवाओं को महिलाओं के प्रति सम्मान के नैतिक मूल्य सिखाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। पुलिस द्वारा अपराध के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने से लोगों की संतुष्टि जानने के लिए राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो द्वारा एक सर्वेक्षण किए जाने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए, दुर्गा शक्ति एप, महिला हेल्पलाइन-1091, पुलिस स्टेशनों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले पांच सालों में 2 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जल्द ही एक लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला और बाल सुरक्षा पहल पर एक पुस्तक भी लांच की। इस मौके पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज यादव ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व, इंडियन पुलिस फाउंडेशन इंस्टीट्यूट (आईपीएफआई) के अध्यक्ष एन. रामचंद्रन ने कहा कि सबसे पहले जनता और पुलिस के बीच विश्वास होना बहुत आवश्यक है। इस सम्मेलन में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी, अनिल कुमार राव, पंचकूला के पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, आईजी करनाल रेंज, भारती अरोड़ा, आईजी चारू बाली, एसपी, क्राइम अगेंस्ट वुमन, मनीषा चौधरी, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, शैक्षिक विद्वान और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
विज्ञापन