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पंचायती व स्थानीय संस्थाओं को जारी रहेगा मुआवजे का भुगतान
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चंडीगढ़। पंजाब कैबिनेट ने वीरवार को विभिन्न लेखों के राजस्व घाटों के विरुद्ध मुआवजे सहित छठे पंजाब वित्त आयोग की कई प्रमुख सिफारिशों को मंजूरी दे दी।
कैबिनेट मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने 29 जनवरी, 2021 को पंजाब के राज्यपाल को साल 2021-22 के लिए सात सिफारिशें सौंपी थीं, जिनमें से मंत्रिमंडल ने वीरवार को छह सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। साल 2021-22 के लिए स्थानीय संस्थाओं को राज्य सरकार के कर संग्रह के 4 प्रतिशत हिस्से के वितरण संबंधी सिफारिश को मंत्रियों के समूह द्वारा जांचा जाएगा। यह मंत्रियों का समूह वित्त मंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री और जल सप्लाई और सैनिटेशन मंत्री पर आधारित होगा।
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत की गई प्रमुख सिफारिशों में साल 2021-22 के लिए स्थानीय संस्थाओं को बिजली और शराब पर चुंगी के ख़ात्मे से पैदा हुए राजस्व घाटे के संबंध में मुआवजे की अदायगी को जारी रखना, भारत में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल) पर आबकारी ड्यूटी का 16 प्रतिशत हिस्सा और ठेके की बोली की रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय संस्थाओं के विकास के लिए जारी रखना शामिल है।
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कैबिनेट मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने 29 जनवरी, 2021 को पंजाब के राज्यपाल को साल 2021-22 के लिए सात सिफारिशें सौंपी थीं, जिनमें से मंत्रिमंडल ने वीरवार को छह सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। साल 2021-22 के लिए स्थानीय संस्थाओं को राज्य सरकार के कर संग्रह के 4 प्रतिशत हिस्से के वितरण संबंधी सिफारिश को मंत्रियों के समूह द्वारा जांचा जाएगा। यह मंत्रियों का समूह वित्त मंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री और जल सप्लाई और सैनिटेशन मंत्री पर आधारित होगा।
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कैबिनेट द्वारा स्वीकृत की गई प्रमुख सिफारिशों में साल 2021-22 के लिए स्थानीय संस्थाओं को बिजली और शराब पर चुंगी के ख़ात्मे से पैदा हुए राजस्व घाटे के संबंध में मुआवजे की अदायगी को जारी रखना, भारत में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल) पर आबकारी ड्यूटी का 16 प्रतिशत हिस्सा और ठेके की बोली की रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय संस्थाओं के विकास के लिए जारी रखना शामिल है।
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