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पाकिस्तान अपने ही नागरिकों को नहीं पहचान रहा, दुर्भाग्यपूर्ण : हाईकोर्ट

Tue, 21 Jan 2025 01:50 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 01:50 AM IST
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Pakistan is not recognising its own citizens, unfortunate: High Court
चंडीगढ़। सजा पूरी होने के बावजूद पाकिस्तान की ओर से अपने नागरिकों को न पहचानने के चलते 26 पाकिस्तानी भारत की कैद में रहने को मजबूर हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पड़ोसी देश अक्सर ऐसा करता आया है, केंद्र सरकार को प्रयास कर इन कैदियों को घर वापस भेजना चाहिए। पाकिस्तानी कैदियों को लेकर लिए गए संज्ञान मामले में हाईकोर्ट ने ये टिप्पणियां की हैं।
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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में 26 ऐसे कैदी हैं जो सजा पूरी होने के बावजूद कैद में रहने को मजबूर हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि इनकी घर वापसी के लिए क्या प्रयास किया गया है। केंद्र ने बताया कि पाकिस्तान इन्हें अपना नागरिक मानने को तैयार नहीं है। इन्हें सरहद पर तो छोड़ा नहीं जा सकता, वहां अगर पाकिस्तानी फौज ने उन्हें गोली मार दी तो भारत को दोष दिया जाएगा। पाकिस्तान अगर आज हामी भरता है तो तुरंत इन्हें भेज दिया जाएगा। भारत इन्हें कैद नहीं रखना चाहता है। इन्हें खुला छोड़ दिया तो हो सकता है यह जासूसी करने लगें।
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हाईकोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से अपने नागरिकों के प्रति ऐसा रवैया रखता आया है। वह अपने नागरिकों को पहचानने से इन्कार कर देता है। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है जो गलती से अनजाने में सरहद पार कर जाते हैं। हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार को इनकी वतन वापसी का पाकिस्तानी दूतावास के माध्यम से प्रयास करने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार को इस बारे में एक माह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
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