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बेलगाम पीआरटीसी बसों की रफ्तार, हर साल हो रहीं 115 सड़क दुर्घटनाएं
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चंडीगढ़। पंजाब में पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की बसों की रफ्तार बेलगाम हो चुकी है। इस कारण हर साल 115 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। 5 साल में हुईं 576 सड़क दुर्घटनाओं में 142 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि बसों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगे होने के बाद भी पीआरटीसी के अधिकारी निगरानी करने में विफल हो रहे हैं।
पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की बसें हर साल औसतन 115 सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम दे रही हैं। यह खुलासा एक आरटीआई के जरिए से एकत्र की गई जानकारी से हुआ है। यह भी पता चला कि पीआरटीसी की बसों से हुई इन सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कारण तेज रफ्तार है। हैरानी की बात यह है कि बसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लगाने के बावजूद अधिकारी ओवरस्पीडिंग की निगरानी करने में विफल रहे। पीआरटीसी के सूत्रों ने बताया कि इस ओर सुधारात्मक व्यवस्था नहीं होने के कारण चालक रोजाना सैकड़ों यात्रियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। बसों की इस लापरवाह ड्राइविंग के लिए चालकों के खिलाफ अभी तक विभाग द्वारा कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार पीआरटीसी के अधिकारियों को यह डर है कि चालकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर उन्हें यूनियन के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि अभी तक ऐसे लापरवाह चालकों को चिह्नित करने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है।
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अब जागरूक करेगी पीआरटीसी
पीआरटीसी की एमडी पूनमदीप कौर का कहना है कि जब भी हमें कोई शिकायत मिलती है तो हम जांच करते हैं और उचित कार्रवाई करते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को भी निलंबित किया जा रहा है। जल्द ही पीआरटीसी एक ड्राइवर जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है।
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पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की बसें हर साल औसतन 115 सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम दे रही हैं। यह खुलासा एक आरटीआई के जरिए से एकत्र की गई जानकारी से हुआ है। यह भी पता चला कि पीआरटीसी की बसों से हुई इन सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कारण तेज रफ्तार है। हैरानी की बात यह है कि बसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लगाने के बावजूद अधिकारी ओवरस्पीडिंग की निगरानी करने में विफल रहे। पीआरटीसी के सूत्रों ने बताया कि इस ओर सुधारात्मक व्यवस्था नहीं होने के कारण चालक रोजाना सैकड़ों यात्रियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। बसों की इस लापरवाह ड्राइविंग के लिए चालकों के खिलाफ अभी तक विभाग द्वारा कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
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सूत्रों के अनुसार पीआरटीसी के अधिकारियों को यह डर है कि चालकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर उन्हें यूनियन के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि अभी तक ऐसे लापरवाह चालकों को चिह्नित करने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है।
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अब जागरूक करेगी पीआरटीसी
पीआरटीसी की एमडी पूनमदीप कौर का कहना है कि जब भी हमें कोई शिकायत मिलती है तो हम जांच करते हैं और उचित कार्रवाई करते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को भी निलंबित किया जा रहा है। जल्द ही पीआरटीसी एक ड्राइवर जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है।