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Panchkula News: जितेश मनोचा हत्याकांड में विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने के आदेश
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विशेष मेडिकल बोर्ड से जांच के आदेश, थाने और सीआईए कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर के चर्चित व्यापारी जितेश मनोचा हत्याकांड में गिरफ्तार चारों आरोपियों की ओर से हिरासत में प्रताड़ना के लगाए गए आरोपों को कालका अदालत ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए उनकी चोटों और पेशी के दौरान मुंडे सिर के साथ पेश किए जाने के मामले की जांच के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पिंजौर थाना और चंडीमंदिर स्थित सीआईए कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मामले में गिरफ्तार खुशदीप सिंह उर्फ दीपी, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, मनीष कुमार और रोहित मेहता को सोमवार को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की मांग पर अदालत ने सभी आरोपियों को 20 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हिरासत में मारपीट और जबरन सिर मुंडवाने के आरोप
सुनवाई के दौरान आरोपी रोहित मेहता की ओर से दायर अर्जी में आरोप लगाया गया कि पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों के साथ मारपीट की गई, उन्हें सार्वजनिक रूप से घुमाया गया, जबरन सिर मुंडवाए गए और नंगे पैर चलने के लिए मजबूर किया गया। अर्जी में यह भी कहा गया कि आरोपियों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।
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आरोपियों ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से मेडिकल जांच कराने, संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी की।
पुलिस बोली- भागने की कोशिश में लगी थीं चोटें
पुलिस ने अदालत में आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आरोपी खुशदीप सिंह और मनप्रीत सिंह हिरासत से भागने का प्रयास कर चुके हैं। उन्हें पकड़ने के दौरान कुछ चोटें लगी थीं, जिसके संबंध में अलग मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जिनमें वे मृतक जितेश मनोचा के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। जांच अभी जारी है।
अदालत ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड में कोई नई चोट दर्ज नहीं है, लेकिन पेशी के दौरान दो आरोपी लंगड़ाते हुए दिखाई दिए और उनके पैरों पर पट्टियां बंधी थीं। इसके अलावा चारों आरोपी मुंडे हुए सिर के साथ अदालत में पेश हुए, जबकि 6 जून की पिछली पेशी के दौरान उनके सिर पर बाल थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तीन डॉक्टरों और एक मनोचिकित्सक/मनोवैज्ञानिक का मेडिकल बोर्ड गठित कर चारों आरोपियों की विस्तृत चिकित्सीय जांच कराने के आदेश दिए हैं। बोर्ड को 10 जून तक अपनी रिपोर्ट अदालत में सौंपनी होगी।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश
अदालत ने पुलिस आयुक्त पंचकूला को निर्देश दिए हैं कि पिंजौर थाना और चंडीमंदिर स्थित सीआईए/क्राइम ब्रांच कार्यालय की 5 जून दोपहर से 8 जून दोपहर तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाए। साथ ही मामले में आवश्यक विभागीय कार्रवाई पर भी विचार करने को कहा गया है।अदालत ने आरोपियों की तत्काल रिहाई की मांग खारिज करते हुए अगली सुनवाई 10 जून निर्धारित की है। इस दौरान पुलिस को आरोपियों की अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर के चर्चित व्यापारी जितेश मनोचा हत्याकांड में गिरफ्तार चारों आरोपियों की ओर से हिरासत में प्रताड़ना के लगाए गए आरोपों को कालका अदालत ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए उनकी चोटों और पेशी के दौरान मुंडे सिर के साथ पेश किए जाने के मामले की जांच के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पिंजौर थाना और चंडीमंदिर स्थित सीआईए कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मामले में गिरफ्तार खुशदीप सिंह उर्फ दीपी, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, मनीष कुमार और रोहित मेहता को सोमवार को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की मांग पर अदालत ने सभी आरोपियों को 20 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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हिरासत में मारपीट और जबरन सिर मुंडवाने के आरोप
सुनवाई के दौरान आरोपी रोहित मेहता की ओर से दायर अर्जी में आरोप लगाया गया कि पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों के साथ मारपीट की गई, उन्हें सार्वजनिक रूप से घुमाया गया, जबरन सिर मुंडवाए गए और नंगे पैर चलने के लिए मजबूर किया गया। अर्जी में यह भी कहा गया कि आरोपियों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।
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आरोपियों ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से मेडिकल जांच कराने, संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी की।
पुलिस बोली- भागने की कोशिश में लगी थीं चोटें
पुलिस ने अदालत में आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आरोपी खुशदीप सिंह और मनप्रीत सिंह हिरासत से भागने का प्रयास कर चुके हैं। उन्हें पकड़ने के दौरान कुछ चोटें लगी थीं, जिसके संबंध में अलग मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जिनमें वे मृतक जितेश मनोचा के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। जांच अभी जारी है।
अदालत ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड में कोई नई चोट दर्ज नहीं है, लेकिन पेशी के दौरान दो आरोपी लंगड़ाते हुए दिखाई दिए और उनके पैरों पर पट्टियां बंधी थीं। इसके अलावा चारों आरोपी मुंडे हुए सिर के साथ अदालत में पेश हुए, जबकि 6 जून की पिछली पेशी के दौरान उनके सिर पर बाल थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तीन डॉक्टरों और एक मनोचिकित्सक/मनोवैज्ञानिक का मेडिकल बोर्ड गठित कर चारों आरोपियों की विस्तृत चिकित्सीय जांच कराने के आदेश दिए हैं। बोर्ड को 10 जून तक अपनी रिपोर्ट अदालत में सौंपनी होगी।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश
अदालत ने पुलिस आयुक्त पंचकूला को निर्देश दिए हैं कि पिंजौर थाना और चंडीमंदिर स्थित सीआईए/क्राइम ब्रांच कार्यालय की 5 जून दोपहर से 8 जून दोपहर तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाए। साथ ही मामले में आवश्यक विभागीय कार्रवाई पर भी विचार करने को कहा गया है।अदालत ने आरोपियों की तत्काल रिहाई की मांग खारिज करते हुए अगली सुनवाई 10 जून निर्धारित की है। इस दौरान पुलिस को आरोपियों की अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करना होगा।