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1259 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति अवैध, बर्खास्त करने का आदेश

Thu, 21 Jul 2022 01:22 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 01:22 AM IST
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Order of dismissal of 1259 JBT teachers appointed in 2017
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने साल 2017 में निुयक्त 1259 जेबीटी शिक्षकों को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। बर्खास्तगी के लिए तीन माह का नोटिस देना होगा। इन शिक्षकों ने साल 2012 में निकली भर्ती के लिए अंतिम तिथि के बाद आवेदन किया था।
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याचिकाकर्ताओं के वकील विक्रम श्योराण ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 2012 में जेबीटी के 8760 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। आवेदन की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2012 थी। राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) अनिवार्य योग्यता थी। 2012 में परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी और अप्रैल 2013 में हुई। हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में याचिकाएं दाखिल हुई कि 2013 में एचटेट में हिस्सा लेने वालों को भी भर्ती में कट ऑफ तिथि के बाद भी आवेदन की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने प्रोविजनल तौर पर याचिकाकर्ताओं को आवेदन की अनुमति दे दी थी। इसी बीच पात्रता परीक्षा का परिणाम आया और बड़ी संख्या में आवेदक पास हो गए। अब हरियाणा सरकार के पास दो सूची थी, एक कट ऑफ डेट से पहले आवेदन करने वालों की और दूसरी 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वालों की। सरकार ने कट ऑफ से पहले आवेदन करने वालों को नियुक्ति का फैसला लेकर उन्हें नियुक्ति दे दी। 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वाले आवेदकों ने याचिका दाखिल कर कहा कि उनके अंक कट ऑफ से पहले आवेदन करने वालों से ज्यादा अंक हैं ऐसे में संयुक्त मेरिट सूची तैयार कर नियुक्तियां दी जाएं। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि सरकार चाहे तो संयुक्त मेरिट सूची बनाकर नियुक्तियां दे सकती है लेकिन यह नियुक्तियां याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगी। संयुक्त मेरिट सूची जारी हुई तो पहले नियुक्त कई जेबीटी शिक्षकों को नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। इन शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कट ऑफ तिथि के बाद आवेदन करने वालों को नियुक्ति करने को गलत करार दिया। याचिकाकर्ताओं के वकील विक्रम श्योराण ने बताया कि हाईकोर्ट ने कहा कि कट ऑफ डेट से पहले आवेदन करने वालों को हटाकर 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वालों को नियुक्ति देना सरकार का गलत निर्णय था। हाईकोर्ट ने अब हटाए गए शिक्षकों को 2017 से नियुक्ति, वरिष्ठता व अन्य वित्तीय लाभ जारी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी कहा कि यदि कुछ पद रिक्त रह जाते हैं तो प्रतीक्षा सूची से उन्हें भरा जाए। फिर भी पद रिक्त रहते हैं तो उन्हें नए सिरे से विज्ञापन जारी कर भरा जाए।
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