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Panchkula News: त्योहार में ओपीडी चार दिन बंद, इमरजेंसी में मरीज बेहाल
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी चार दिन से बंद होने से मरीज और तीमारदार बेहाल हैं। बुखार के अलावा चोट लगने, जलने के मामलों सहित अन्य मरीजों की संख्या इमरजेंसी में बढ़ गई है। इस कारण मरीजों को स्ट्रेचर और अन्य सुविधाओं के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इमरजेंसी में भी रोज के मुकाबले चार दिन में दाे गुने से ज्यादा मरीज आ गए हैं। इस कारण भी व्यवस्था चरमरा गई है। रविवार को डेंगू के भी चार नए मामले सामने आए हैं। अब तक डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा 1196 तक पहुंच चुका है।
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की 31 अक्तूबर से तीन नवंबर तक ओपीडी बंद रही। इस कारण इमरजेंसी के हालात गड़बड़ा गए हैं। मरीजों को लेटने और बैठने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर भी नहीं मिल रहे हैं। पहले से ही बुखार के कारण एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। लगातार बुखार के अलावा अन्य मरीजों के आने से लोगों को परेशानी हो रही है। बरवाला से इलाज कराने आए मंदीप सिंह ने बताया कि इलाज के लिए बेड नहीं मिला है।
वहीं सेक्टर-12 से आए राकेश कुमार ने बताया कि इलाज के लिए आए तो व्हीलचेयर की भी कमी थी। इस कारण परेशानी हुई है। बुखार में चक्कर आने के कारण बैठने के लिए व्हीलचेयर भी नसीब नहीं हुई। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के पीएमओ डॉ. जितेंदर सिंह ने बताया कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी हुई है। इमरजेंसी में चार दिन में हमारे पास साढ़े तीन हजार मरीज इलाज के लिए आए हैं। लगातार मरीजों की संख्या फेस्टिवल में चोटिल होने, एक्सीडेंट अधिक होने कारण ज्यादा रही। हमारे पास रोजाना इलाज के लिए 350 मरीज आते हैं। फेस्टिवल सीजन में इसकी संख्या रोजाना 700 पहुंच गई है। मरीज अधिक आने के कारण समस्या हुई है।
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पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी चार दिन से बंद होने से मरीज और तीमारदार बेहाल हैं। बुखार के अलावा चोट लगने, जलने के मामलों सहित अन्य मरीजों की संख्या इमरजेंसी में बढ़ गई है। इस कारण मरीजों को स्ट्रेचर और अन्य सुविधाओं के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इमरजेंसी में भी रोज के मुकाबले चार दिन में दाे गुने से ज्यादा मरीज आ गए हैं। इस कारण भी व्यवस्था चरमरा गई है। रविवार को डेंगू के भी चार नए मामले सामने आए हैं। अब तक डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा 1196 तक पहुंच चुका है।
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की 31 अक्तूबर से तीन नवंबर तक ओपीडी बंद रही। इस कारण इमरजेंसी के हालात गड़बड़ा गए हैं। मरीजों को लेटने और बैठने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर भी नहीं मिल रहे हैं। पहले से ही बुखार के कारण एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। लगातार बुखार के अलावा अन्य मरीजों के आने से लोगों को परेशानी हो रही है। बरवाला से इलाज कराने आए मंदीप सिंह ने बताया कि इलाज के लिए बेड नहीं मिला है।
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वहीं सेक्टर-12 से आए राकेश कुमार ने बताया कि इलाज के लिए आए तो व्हीलचेयर की भी कमी थी। इस कारण परेशानी हुई है। बुखार में चक्कर आने के कारण बैठने के लिए व्हीलचेयर भी नसीब नहीं हुई। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के पीएमओ डॉ. जितेंदर सिंह ने बताया कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी हुई है। इमरजेंसी में चार दिन में हमारे पास साढ़े तीन हजार मरीज इलाज के लिए आए हैं। लगातार मरीजों की संख्या फेस्टिवल में चोटिल होने, एक्सीडेंट अधिक होने कारण ज्यादा रही। हमारे पास रोजाना इलाज के लिए 350 मरीज आते हैं। फेस्टिवल सीजन में इसकी संख्या रोजाना 700 पहुंच गई है। मरीज अधिक आने के कारण समस्या हुई है।
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