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एनसीआर में दिल्ली के आसपास के शहर ही शामिल हों : सिंगला
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चंडीगढ़। गुरुग्राम से भाजपा विधायक एडवोकेट सुधीर सिंगला ने भी एनसीआर की सीमाएं नए सिरे से तय करने का पुरजोर समर्थन किया है। उनकी मांग है कि दिल्ली के आसपास के शहर ही एनसीआर में शामिल किए जाएं। सिंगला ने इसके लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सदस्य सचिव को पत्र भी लिखा है।
उन्होंने कहा है कि सुनियोजित विकास के लिए एनसीआर की सीमाएं नए सिरे से तय करना जरूरी है। वह बोर्ड के ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं। एनसीआर में शामिल शहरों के लिए इसमें अलग-अलग प्रोजेक्ट व विकास योजनाएं हैं। दिल्ली से दूर के शहरों में इससे सही से विकास नहीं हो पा रहा, इसलिए एनसीआर की हदें दोबारा तय करने के लिए गंभीर सोच-विचार की जरूरत है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड दिल्ली के पास के शहरों गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, सोनीपत, बहादुरगढ़ इत्यादि शहरों के विकास पर ही ध्यान केंद्रित करे। इन्हें मद्देनजर रखते हुए ही भविष्य की योजनाएं बनाई जाएं।
सिंगला का कहना है कि दिल्ली से चरखी दादरी बहुत दूर है। इसे एनसीआर का शहर कहना उचित नहीं, चूंकि यहां एनसीआर के हिसाब से विकास कार्य हो ही नहीं रहे। ऐसे और भी अनेक शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हैं। इसे देखते हुए एनसीआर क्षेत्र का पुनर्गठन जरूरी है। उनका सुझाव है कि एनसीआर की सीमा दिल्ली के मध्य से 100 किलोमीटर तक ही होनी चाहिए। केंद्र सरकार व प्लानिंग बोर्ड उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय ले।
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उन्होंने कहा है कि सुनियोजित विकास के लिए एनसीआर की सीमाएं नए सिरे से तय करना जरूरी है। वह बोर्ड के ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं। एनसीआर में शामिल शहरों के लिए इसमें अलग-अलग प्रोजेक्ट व विकास योजनाएं हैं। दिल्ली से दूर के शहरों में इससे सही से विकास नहीं हो पा रहा, इसलिए एनसीआर की हदें दोबारा तय करने के लिए गंभीर सोच-विचार की जरूरत है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड दिल्ली के पास के शहरों गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, सोनीपत, बहादुरगढ़ इत्यादि शहरों के विकास पर ही ध्यान केंद्रित करे। इन्हें मद्देनजर रखते हुए ही भविष्य की योजनाएं बनाई जाएं।
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सिंगला का कहना है कि दिल्ली से चरखी दादरी बहुत दूर है। इसे एनसीआर का शहर कहना उचित नहीं, चूंकि यहां एनसीआर के हिसाब से विकास कार्य हो ही नहीं रहे। ऐसे और भी अनेक शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हैं। इसे देखते हुए एनसीआर क्षेत्र का पुनर्गठन जरूरी है। उनका सुझाव है कि एनसीआर की सीमा दिल्ली के मध्य से 100 किलोमीटर तक ही होनी चाहिए। केंद्र सरकार व प्लानिंग बोर्ड उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय ले।
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