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युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की योजना है एनएसएस : डॉ. दिनेश
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पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ की ओर से बुधवार को अभिमुखीकरण कार्यक्रम और सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पर आधारित एक दिवसीय व्यवहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर जिलों के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी और लिपिकीय कर्मचारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। हरियाणा राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने एनएसएस की संरचना, उपलब्धियां, कार्यप्रणाली और माई भारत पोर्टल की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करना है। उन्होंने डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता को प्रशासन का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए पीएफएमएस को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शैलजा छाबड़ा ने की। उन्होंने कहा कि पीएफएमएस जैसी डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है और यह एनएसएस के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद कुमार ने सेवा, संस्कार और एनएसएस के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवा युवाओं में व्यक्तित्व, संवेदना और सामाजिक दृष्टि का विकास करती है और उन्हें समाज तथा राष्ट्र के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है।
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कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से एनएसएस इकाइयों में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है। दोपहर के सत्र में गुरप्रीत सिंह द्वारा पीएफएमएस पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की सह-संयोजक और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी चित्रा सिंह ने आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शैलजा छाबड़ा ने की। उन्होंने कहा कि पीएफएमएस जैसी डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है और यह एनएसएस के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद कुमार ने सेवा, संस्कार और एनएसएस के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवा युवाओं में व्यक्तित्व, संवेदना और सामाजिक दृष्टि का विकास करती है और उन्हें समाज तथा राष्ट्र के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है।
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कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से एनएसएस इकाइयों में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है। दोपहर के सत्र में गुरप्रीत सिंह द्वारा पीएफएमएस पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की सह-संयोजक और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी चित्रा सिंह ने आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।