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अब टैट्रा पैक तकनीक से छह माह खराब नहीं होगा हरियाणा का दूध

Wed, 21 Jul 2021 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 01:48 AM IST
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Now Vita will also adopt Tetra Pack technology, milk will not spoil for six months
चंडीगढ़। अब गुजरात के अमूल और पंजाब के वेरका दूध की तर्ज पर हरियाणा का दूध भी लंबे समय तक खराब नहीं होगा। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ रोहतक स्थित दुग्ध प्लांट में यूएचटी (अल्ट्रा हाई टेंपरेचर) टेट्रा पैक तकनीक अपनाएगा। इसके लिए करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से विदेशी मशीन स्थापित की जाएगी। प्रसंघ ने इस प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाकर नेशनल बोर्ड को भेज दी है। संभावना है कि जल्द ही इस पर मुहर लग जाएगी।
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यह प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद हरियाणा का दूध दुर्गम स्थानों पर भी पहुंच सकेगा, जहां पर पहुंचने में कई-कई माह लग जाते हैं। फिलहाल हरियाणा के ताजा दूध की पैकेजिंग पर तीन दिन की एक्सपायरी डेट होती है। नई तकनीक से इसकी एक्सपायरी डेट छह माह तक हो जाएगी।
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मानव संपर्क रहित है पूरी प्रक्रिया, संक्रमण का नहीं खतरा
टेट्रा पैक की अल्ट्रा हाई टेंपरेचर तकनीक के तहत दुध को उच्च तापमान पर गर्म करके तुरंत ठंडा किया जाता है। इससे हानिकारक सूक्ष्म जीव निष्क्रिय हो जाते हैं और उसमें पौषक तत्व बरकरार रहते हैं। वहीं, एसेप्टिक पैकेजिंग एक सड़न रोकने वाली पैकेजिंग तकनीक है, जो अंदर के प्रोडक्ट को नमी, प्रकाश, हवा, आदि से बचाती है। इस तकनीक से दूध को बिना किसी कोल्ड चेन के करीब छह माह तक सुरक्षित रखा जाता सकता है। यह मशीन पूरी तरह से मानव रहित होगी और सारा काम खुद करेगी। इससे दूध में संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर होगा।
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प्रदेश में रोजाना 4 लाख लीटर किया जाता है एकत्र
हरियाणा में 3400 सहकारी दुग्ध समितियों के माध्यम से 70 हजार दुग्ध उत्पादकों से करीब 4 लाख लीटर दूध प्रतिदिन एकत्र किया जाता है। वर्ष 2019-20 में प्रसंघ ने 1275 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जो इससे पिछले साल 1122 करोड़ था। साथ ही 25 करोड़ का मुनाफा भी कमाया है। प्रदेश में कुल 520 वीटा बूथों से रोजाना 3 लाख लीटर दूध की बिक्री की जाती है।

मैं और प्रसंघ के अधिकारी हाल ही में गुजरात में अमूल के प्लांट को देखकर आए हैं। अब वीटा प्लांट में भी वेरका और अमूल की तर्ज पर टेट्रा तकनीक की मशीन स्थापित की जाएगी। डीपीआर बनाकर बोर्ड को भेजी है। इस तकनीक से दूध करीब छह माह तक खराब नहीं होता।
-रणधीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा डयेरी विकास सहकारी प्रसंघ।
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