{"_id":"691b738497cdaf8b390c17dd","slug":"now-ramp-will-improve-the-fortunes-of-msmes-panchkula-news-c-16-pkl1079-873564-2025-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: अब रैंप संवारेगा एमएसएमई की किस्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: अब रैंप संवारेगा एमएसएमई की किस्मत
विज्ञापन
चंडीगढ़। अब कोविड के दौरान और उसके बाद नुकसान उठा चुके उद्यमियों की समस्याओं का निदान चंडीगढ़ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का नया प्रोजेक्ट रैंप (रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई प्रोग्राम) करेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत उद्यमियों की क्षमताओं को विकसित किया जाएगा।
चंडीगढ़ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट की पालिसी इंप्लीमेंटेशन यूनिट की कंसल्टेंट विजयता शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत उद्यमियों की वित्तीय क्षमताओं को मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बढ़ाना है। इसमें पहले उनकी क्षमताओं को मजबूत बनाना है। कई यूनिट्स हैं जिनमें विदेशों तक अपने प्रोडक्ट को पहुंचाने की क्षमता है पर उसके लिए प्रोडक्ट में जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट न होने की वजह से परेशानी है।
इसमें उद्यमियों को एक्सपर्ट बताएंगे कि कैसे उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी विदेशों तक पहुंचने वाले प्रोडक्ट जैसी हो। इसके साथ ही ऊर्जा संरक्षण के बारे में जानकारी देकर उनको ज्यादा बेहतर करना है। इसके लिए विभाग द्वारा एक हेल्प डेस्क तैयार की गई है जिसमें तीन एक्सपर्ट रखे गए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और यूटी को अपने प्रोजेक्ट प्लान तैयार करने को कहा था। चंडीगढ़ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा इसमें 14 प्लान तैयार करके भेजे थे, जिसमें से केंद्र ने 13 को मंजूरी दी। अब अप्रूव किए गए 13 प्वाइंट पर काम शुरू हो चुका है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट की पालिसी इंप्लीमेंटेशन यूनिट की कंसल्टेंट विजयता शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत उद्यमियों की वित्तीय क्षमताओं को मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बढ़ाना है। इसमें पहले उनकी क्षमताओं को मजबूत बनाना है। कई यूनिट्स हैं जिनमें विदेशों तक अपने प्रोडक्ट को पहुंचाने की क्षमता है पर उसके लिए प्रोडक्ट में जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट न होने की वजह से परेशानी है।
विज्ञापन
इसमें उद्यमियों को एक्सपर्ट बताएंगे कि कैसे उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी विदेशों तक पहुंचने वाले प्रोडक्ट जैसी हो। इसके साथ ही ऊर्जा संरक्षण के बारे में जानकारी देकर उनको ज्यादा बेहतर करना है। इसके लिए विभाग द्वारा एक हेल्प डेस्क तैयार की गई है जिसमें तीन एक्सपर्ट रखे गए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और यूटी को अपने प्रोजेक्ट प्लान तैयार करने को कहा था। चंडीगढ़ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा इसमें 14 प्लान तैयार करके भेजे थे, जिसमें से केंद्र ने 13 को मंजूरी दी। अब अप्रूव किए गए 13 प्वाइंट पर काम शुरू हो चुका है।