Punjab: एक ही थाने में वर्षों से जमे पुलिसवालों को होगा तबादला, एसएसपी अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे चाहेती टीम
जानकारी के मुताबिक विधानसभा की गृह विभाग की कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि थानों में तैनात निचले स्तर के मुलाजिमों के कुछ समय के बाद तबादले किए जाने चाहिए। अक्सर देखने में आया है कि बड़े अधिकारियों के तो तबादले हाेते रहते हैं, जबकि छोटे मुलाजिम उन्हीं स्थानों पर जमे रहते हैं।
विस्तार
पंजाब के एक ही थाने में लंबे समय से डटे मुलाजिमों की अब खैर नहीं है। ऐसे मुलाजिमों के अब तबादले होंगे। इसके अलावा एसएसपी या उच्चस्तरीय अधिकारी तबादले के बाद अपनी पुरानी चहेती टीम को साथ नहीं ले जा सकेंगे। बल्कि उन्हें जिले या नए स्टेशन पर नई टीम के साथ काम करना होगा।
यह फैसला लोगों को थानों और पुलिस के दफ्तरों में उचित इंसाफ मुहैया करवाने के लिए लिया गया। सीएम भगवंत मान की तरफ से इस संबंधी आदेश दिए हैं। साथ ही पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वह अपने स्तर पर लोगों का दिल जीतने की कोशिश करें।
जानकारी के मुताबिक विधानसभा की गृह विभाग की कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि थानों में तैनात निचले स्तर के मुलाजिमों के कुछ समय के बाद तबादले किए जाने चाहिए। अक्सर देखने में आया है कि बड़े अधिकारियों के तो तबादले हाेते रहते हैं, जबकि छोटे मुलाजिम उन्हीं स्थानों पर जमे रहते हैं। ऐसे में लोगों को उचित इंसाफ तक नहीं मिल पाता है।
कैदियों की पेशी पर कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
पंजाब की जेलों में बंद कैदियों की हर महीने 40 हजार पेशियां विभिन्न अदालतों में लगती हैं लेकिन सरकार के ध्यान में आया कि केवल करीब 32000 पेशियां कैदी भुगत पा रहे हैं। इस चीज को सरकार ने एक गंभीर मामला माना है। इस स्थिति को सुधारने की हिदायत अफसरों को दी गई है। इसके अलावा मामले के जांच अधिकारियों को अब कोर्ट केसों की सुनवाई के दौरान पेश होना पड़ेगा। नियम तोड़ने पर विभाग की ओर से उन कार्रवाई होगी। इस काम में कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।