{"_id":"5e01280a8ebc3e87e021a3fc","slug":"notice-to-doctor-accused-of-molestation-asked-why-not-services-should-be-terminated-panchkula-news-pkl3609205160","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को शोकॉज नोटिस, पूछा- क्यों न सेवाएं समाप्त कर दी जाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को शोकॉज नोटिस, पूछा- क्यों न सेवाएं समाप्त कर दी जाएं
Tue, 24 Dec 2019 02:50 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2019 02:50 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
मेडिकल कॉलेज में दो महिला डॉक्टरों से छेड़खानी के मामले में मेडिकल कॉलेज ने आरोपी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अनिकेत सैनी को शोकॉज नोटिस देकर पूछा है कि क्यों न आपकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। इसके लिए अनिकेत को दस दिन का वक्त दिया गया है। यदि उसका जवाब संतुष्टि पूर्ण नहीं होता है तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। अनिकेत इस समय में बुड़ैल जेल में बंद हैं। वह मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट के पद पर तैनात हैं। मेडिकल कॉलेज व यूटी प्रशासन ने अनिकेत की हरकत को गंभीरता से लिया है।
डा. अनिकेत पर अस्पताल की ही दो जूनियर महिला डॉक्टरों के साथ छेड़खानी और मारपीट करने का आरोप लगाया था। मेडिकल कॉलेज की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी गई थी। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामला बीते छह दिसंबर का है। आरोप था कि डा. अनिकेत शराब पीकर हॉस्पिटल पहुंचा और दो महिला व एक अन्य डॉक्टर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और छेड़खानी भी की। साथ ही मारपीट भी की।
आठ दिसंबर को यह मामला हॉस्पिटल प्रशासन के संज्ञान में आया और इस संबंध में उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। दूसरी तरफ हॉस्पिटल प्रशासन ने इस मामले में जांच कमेटी बैठाई। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने इस मामले में यूटी प्रशासन से डॉक्टर को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। यूटी प्रशासन ने हॉस्पिटल प्रशासन की सिफारिश मान ली और डॉक्टर को सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उसके बाद उसे सस्पेंड भी कर दिया गया था। अब उसे फिर से शोकॉज नोटिस जारी कर दस दिन का वक्त दिया गया है, वह बताएं कि क्यों न उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता अनिल मोदगिल का कहना है कि मेडिकल कॉलेज का इस तरह की हरकत पर स्टैंड पूरी तरह से क्लीयर है। संस्थान की ओर से इसमें जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है। इसलिए उन्हें जवाब देने के लिए दस दिन का वक्त दिया गया है।
विज्ञापन
डा. अनिकेत पर अस्पताल की ही दो जूनियर महिला डॉक्टरों के साथ छेड़खानी और मारपीट करने का आरोप लगाया था। मेडिकल कॉलेज की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी गई थी। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामला बीते छह दिसंबर का है। आरोप था कि डा. अनिकेत शराब पीकर हॉस्पिटल पहुंचा और दो महिला व एक अन्य डॉक्टर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और छेड़खानी भी की। साथ ही मारपीट भी की।
विज्ञापन
आठ दिसंबर को यह मामला हॉस्पिटल प्रशासन के संज्ञान में आया और इस संबंध में उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। दूसरी तरफ हॉस्पिटल प्रशासन ने इस मामले में जांच कमेटी बैठाई। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने इस मामले में यूटी प्रशासन से डॉक्टर को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। यूटी प्रशासन ने हॉस्पिटल प्रशासन की सिफारिश मान ली और डॉक्टर को सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उसके बाद उसे सस्पेंड भी कर दिया गया था। अब उसे फिर से शोकॉज नोटिस जारी कर दस दिन का वक्त दिया गया है, वह बताएं कि क्यों न उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता अनिल मोदगिल का कहना है कि मेडिकल कॉलेज का इस तरह की हरकत पर स्टैंड पूरी तरह से क्लीयर है। संस्थान की ओर से इसमें जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है। इसलिए उन्हें जवाब देने के लिए दस दिन का वक्त दिया गया है।