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नगरपालिका नूंह की अध्यक्ष सीमा सिंगला निलंबित
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हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगरपालिका नूंह की अध्यक्ष सीमा सिंगला को निलंबित कर दिया है। उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के कारण यह कार्रवाई विभाग के महानिदेशक ने की है। बुधवार को महानिदेशक डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने निलंबन आदेश जारी किया है। सिंगला पर लगे आरोपों की जांच के लिए डीसी नूंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। नगरपालिका अध्यक्ष जांच को प्रभावित न कर सकें, इसलिए उन पर हरियाणा नगर कानून 1973 की धारा 14ए के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निदेशालय ने सीमा सिंगला को 26 दिसंबर 2019 को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि क्यों उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। नोटिस के अनुसार नगरपालिका अध्यक्ष ने पांच चेक के जरिए 13 लाख 7 हजार 466 रुपये निकाल कर वित्तीय अनियमितताएं की हैं। इसमें चार चेक से 9 लाख 75 हजार 988 रुपये चपरासी राजकुमार के जरिए व एक चेक 3 लाख 31 हजार 478 रुपये किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से निकाले गए हैं। 23 जनवरी 2020 को सीमा सिंगला को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया गया। जिसमें उन्होंने कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए। इस पर डीसी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। डीसी ने अपनी रिपोर्ट में निदेशालय को बताया कि पांच चेक से निकाली गई राशि से जुड़ा कोई रिकॉर्ड नगरपालिका में उपलब्ध नहीं है। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ही राशि निकाली गई है। 25 जनवरी को नगरपालिका कार्यालय में आग लगने की घटना हुई, जिसमें मामले से जुड़ा रिकार्ड जलने की बात कही गई। जब इसकी एफआईआर दर्ज हुई और जांच की गई तो आरोपी के तौर पर सीमा सिंगला के पति विष्णु सिंगला का नाम सामने आया। मामले की जांच अभी जारी है। इसके अलावा दो अन्य मामलों में भी निदेशालय ने सीमा सिंगला को पद से हटाने की सिफारिश सरकार से की हुई है। जिसमें एक मामला गली निर्माण के फ्राड से जुड़ा हुआ है। जिसमें एसडीओ सिविल की रिपोर्ट अनुसार गली निर्माण के लिए जारी 2 लाख 26 हजार 875 रुपये मौके पर खर्च ही नहीं हुए। इसके अलावा ठेकेदार को राशि का भुगतान भी डीसी की मंजूरी के बिना ही कर दिया गया। डीसी नूंह इन मामलों की जांच भी सरकार के निर्देश पर कर रहे हैं।
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निदेशालय ने सीमा सिंगला को 26 दिसंबर 2019 को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि क्यों उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। नोटिस के अनुसार नगरपालिका अध्यक्ष ने पांच चेक के जरिए 13 लाख 7 हजार 466 रुपये निकाल कर वित्तीय अनियमितताएं की हैं। इसमें चार चेक से 9 लाख 75 हजार 988 रुपये चपरासी राजकुमार के जरिए व एक चेक 3 लाख 31 हजार 478 रुपये किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से निकाले गए हैं। 23 जनवरी 2020 को सीमा सिंगला को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया गया। जिसमें उन्होंने कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए। इस पर डीसी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। डीसी ने अपनी रिपोर्ट में निदेशालय को बताया कि पांच चेक से निकाली गई राशि से जुड़ा कोई रिकॉर्ड नगरपालिका में उपलब्ध नहीं है। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ही राशि निकाली गई है। 25 जनवरी को नगरपालिका कार्यालय में आग लगने की घटना हुई, जिसमें मामले से जुड़ा रिकार्ड जलने की बात कही गई। जब इसकी एफआईआर दर्ज हुई और जांच की गई तो आरोपी के तौर पर सीमा सिंगला के पति विष्णु सिंगला का नाम सामने आया। मामले की जांच अभी जारी है। इसके अलावा दो अन्य मामलों में भी निदेशालय ने सीमा सिंगला को पद से हटाने की सिफारिश सरकार से की हुई है। जिसमें एक मामला गली निर्माण के फ्राड से जुड़ा हुआ है। जिसमें एसडीओ सिविल की रिपोर्ट अनुसार गली निर्माण के लिए जारी 2 लाख 26 हजार 875 रुपये मौके पर खर्च ही नहीं हुए। इसके अलावा ठेकेदार को राशि का भुगतान भी डीसी की मंजूरी के बिना ही कर दिया गया। डीसी नूंह इन मामलों की जांच भी सरकार के निर्देश पर कर रहे हैं।
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