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Panchkula News: सिविल अस्पताल में शुगर, थायराइड प्रोटीन टेस्ट की किट नहीं, जांचें बंद
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पंचकूला। सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल में दो महीने से जरूरी पैथोलॉजी जांचें ठप पड़ी हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की लैब में जांच मशीनों के लिए आवश्यक किट उपलब्ध न होने के कारण थायराइड, आयरन, प्रोटीन और थैलेसीमिया सहित कई महत्वपूर्ण टेस्ट बंद कर दिए गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में टेस्टिंग किट खत्म होने के कारण मशीन नहीं चल रही है। इस कारण टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना 3500 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों ने बताया कि वे डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट कराने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बाहर की निजी लैब में जांच करानी पड़ी। अस्पताल में यह टेस्ट पचास रुपये से 250 रुपये में हो रहा है। वही बाहर टेस्ट एक हजार से 1500 रुपये में हो रहा है। इस कारण लोगों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। निजी लैब में इन टेस्टों का खर्च काफी अधिक है, जिसे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीज वहन करने में परेशान हो रहे हैं।
अस्पताल में किट खत्म होने से परेशानी
मेरा शरीर में दर्द अधिक रहता है। इसके बाद डॉक्टर की ओर से हीमोग्लोबिन ए वन सी टेस्ट लिखा गया। टेस्ट के लिए काउंटर में मशीन खराब होने की बात कहकर बाहर से करवाने के लिए कहा गया। इस कारण इलाज में देरी हुई। बाहर से यह टेस्ट करवाने में चार सौ रुपये खर्च करने पड़े। -विशाल निवासी सेक्टर -19, मरीज
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थायराइड और थैलीसीमिया का टेस्ट नहीं हुआ
मुझे लंबे समय से बुखार होने के साथ खून की कमी रहती है। इसे लेकर डॉक्टर की ओर से थायराइड और थैलीसीमिया का टेस्ट लिखा। अस्पताल में टेस्ट नहीं होने के कारण इलाज में दिक्कत हुई है। अभी तक इलाज शुरू नहीं हो सका है।- चंपा देवी निवासी पिंजौर, मरीज
खून की कमी के टेस्ट नहीं हुए
मुझे दिखाई नहीं देता है। आंख का इलाज कराने आए हैं। डॉक्टर की ओर से शुगर टेस्ट हीमग्लोबिन ए वन सी का टेस्ट नहीं हुआ। अब इलाज के लिए बाहर से टेस्ट करवाने में पैसे खर्च करने पड़ेंगे और बाहर से टेस्ट का बाद इलाज मिल सकेगा।- लक्खो देवी निवासी खड़क मंगोली, मरीज
प्रोटेस्ट ग्रंथि का टेस्ट नहीं हो पाया
मैं अस्पताल में इलाज के लिए आया था। डॉक्टर की ओर से प्रोटेस्ट ग्रंथि का टेस्ट लिखा था। टेस्ट नहीं हो पाने के कारण दिक्कत हुई है। अब इस टेस्ट को करवाने के लिए प्राइवेट लैब मेंं पैसे खर्च करने पड़ेंगे। - बृजमोहन निवासी माजरी, मरीज
मशीनों को ठीक कराने के लिए टीम बुलाई गई है
सिविल अस्पताल में जांच किट और मशीनों को ठीक कराने के लिए टीम बुलाई गई है। जैसे ही मशीन और किट आएगी। लैब मेंं टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए डिमांड वेयर हाउस और स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। - आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना 3500 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों ने बताया कि वे डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट कराने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बाहर की निजी लैब में जांच करानी पड़ी। अस्पताल में यह टेस्ट पचास रुपये से 250 रुपये में हो रहा है। वही बाहर टेस्ट एक हजार से 1500 रुपये में हो रहा है। इस कारण लोगों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। निजी लैब में इन टेस्टों का खर्च काफी अधिक है, जिसे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीज वहन करने में परेशान हो रहे हैं।
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अस्पताल में किट खत्म होने से परेशानी
मेरा शरीर में दर्द अधिक रहता है। इसके बाद डॉक्टर की ओर से हीमोग्लोबिन ए वन सी टेस्ट लिखा गया। टेस्ट के लिए काउंटर में मशीन खराब होने की बात कहकर बाहर से करवाने के लिए कहा गया। इस कारण इलाज में देरी हुई। बाहर से यह टेस्ट करवाने में चार सौ रुपये खर्च करने पड़े। -विशाल निवासी सेक्टर -19, मरीज
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थायराइड और थैलीसीमिया का टेस्ट नहीं हुआ
मुझे लंबे समय से बुखार होने के साथ खून की कमी रहती है। इसे लेकर डॉक्टर की ओर से थायराइड और थैलीसीमिया का टेस्ट लिखा। अस्पताल में टेस्ट नहीं होने के कारण इलाज में दिक्कत हुई है। अभी तक इलाज शुरू नहीं हो सका है।- चंपा देवी निवासी पिंजौर, मरीज
खून की कमी के टेस्ट नहीं हुए
मुझे दिखाई नहीं देता है। आंख का इलाज कराने आए हैं। डॉक्टर की ओर से शुगर टेस्ट हीमग्लोबिन ए वन सी का टेस्ट नहीं हुआ। अब इलाज के लिए बाहर से टेस्ट करवाने में पैसे खर्च करने पड़ेंगे और बाहर से टेस्ट का बाद इलाज मिल सकेगा।- लक्खो देवी निवासी खड़क मंगोली, मरीज
प्रोटेस्ट ग्रंथि का टेस्ट नहीं हो पाया
मैं अस्पताल में इलाज के लिए आया था। डॉक्टर की ओर से प्रोटेस्ट ग्रंथि का टेस्ट लिखा था। टेस्ट नहीं हो पाने के कारण दिक्कत हुई है। अब इस टेस्ट को करवाने के लिए प्राइवेट लैब मेंं पैसे खर्च करने पड़ेंगे। - बृजमोहन निवासी माजरी, मरीज
मशीनों को ठीक कराने के लिए टीम बुलाई गई है
सिविल अस्पताल में जांच किट और मशीनों को ठीक कराने के लिए टीम बुलाई गई है। जैसे ही मशीन और किट आएगी। लैब मेंं टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए डिमांड वेयर हाउस और स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। - आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6