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चैंपियनशिप में हिस्सा लेने को नहीं थे पैसे, अब मिले दो स्पांसर
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ताईक्वांडो खिलाड़ी कमलेश।
- फोटो : PKL OFFICE
गरीब परिवार के दो खिलाड़ियों को थाईलैंड में होने वाले दो दिवसीय पांचवीं हीरोस ताईक्वांडो इंटरनेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए पैसों की तंगी से जूझ रहे कमलेश और दामिनी के लिए दो लोगों ने मदद की पेशकश की है। इन दोनों खिलाड़ियों को पैसे की तंगी के चलते खेल के लिए तैयारी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं अब इनकी मदद के लिए दो लोग सामने आए हैं जिन्होंने दोनों को स्पांसर करने का फैसला लिया है। 27 और 28 जुलाई को थाइलैंड में आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में दोनों खिलाड़ियों का चयन हुआ था। लेकिन अमिता मरवाहा एक्टिविटी टीम के दोनों खिलाड़ियों की खुशी उस वक्त निराशा में बदल गई थी जब उनके सामने आर्थिक परेशानी आ गई।
‘जमकर खेलें और भारत के लिए मेडल जीतकर लाएं’
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इन दोनों गरीब खिलाड़ियों को अब यूएसए की भारतीय नागरिक जिगना शाह ने दामिनी और पंजाब के रामपुर कलां नूपुरबेदी के समाजसेवी केवल चौधरी ने कमलेश को स्पॉसरशिप देने का फैसला लिया है। जिगना शाह और केवल चौधरी गरीब बच्चों की मदद करते रहते हैं। दोनों ने इन खिलाड़ियों की अचीवमेंट को देखते हुए स्पॉसरशिप दी है। जिगना शाह और केवल चौधरी ने कहा है कि खिलाड़ियों को पैसे की कमी के चलते झुकना न पड़े इसलिए वह मदद करते रहते हैं। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को कहा है कि वह जमकर खेलें और भारत के लिए मेडल जीतकर लाएं।
चंडीगढ़ मैराथन भाई फौजा सिंह में प्रथम आई थी दामिनी
दोनों खिलाड़ियों के माता-पिता दिहाड़ीदार मजदूर हैं। कमलेश पीजी कॉलेज सेक्टर-46 चंडीगढ़ का छात्र है। जबकि दामिनी भारत बनाम श्रीलंका चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुकी है। वह तीन बार राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल और नेशनल स्तर की खिलाड़ी है। वह अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में 30 से अधिक मेडल जीत चुकी है। इंटर स्कूल में सिल्वर मेडलिस्ट और नॉर्थ इंडिया टूर्नामेंट की गोल्ड मेडलिस्ट है। दामिनी अपनी पढ़ाई के लिये पोलियो ड्रॉप्स एवं छोटे-मोटे काम करके पैसा इकट्ठा करती है। त्यौहारों के सीजन में वह मेहंदी भी लगाती है। स्कूल में भी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। चंडीगढ़ मैराथन भाई फौजा सिंह में भी वह प्रथम आई थी।
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तीन बार राज्य स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट है कमलेश
कमलेश भारत बनाम नेपाल चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुका है। वह भी तीन बार राज्य स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट है और नॉर्थ इंडिया टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत चुका है। इसके अलावा नेशनल, स्टेट एवं ट्राइसिटी की विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। कमलेश ने ट्रिपल जंप में गोल्ड मेडल जीता था। साथ ही फिजिकल एजूकेशन में भी वह टॉप रहा था। पढ़ाई में भी वह अच्छा प्रदर्शन करता है। वह अपने गुजर बसर के लिए कॉल सेंटर में पियोन का काम करता है। यह दोनों खिलाड़ी अब स्टेट रैफरी बन चुके हैं। चंडीगढ़ की एक महिला ने उसे डाइट के लिये स्पॉंसर कर रखा है। वह उसके खाने-पीने का हर माह खर्च उठा रही है।
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‘जमकर खेलें और भारत के लिए मेडल जीतकर लाएं’
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इन दोनों गरीब खिलाड़ियों को अब यूएसए की भारतीय नागरिक जिगना शाह ने दामिनी और पंजाब के रामपुर कलां नूपुरबेदी के समाजसेवी केवल चौधरी ने कमलेश को स्पॉसरशिप देने का फैसला लिया है। जिगना शाह और केवल चौधरी गरीब बच्चों की मदद करते रहते हैं। दोनों ने इन खिलाड़ियों की अचीवमेंट को देखते हुए स्पॉसरशिप दी है। जिगना शाह और केवल चौधरी ने कहा है कि खिलाड़ियों को पैसे की कमी के चलते झुकना न पड़े इसलिए वह मदद करते रहते हैं। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को कहा है कि वह जमकर खेलें और भारत के लिए मेडल जीतकर लाएं।
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चंडीगढ़ मैराथन भाई फौजा सिंह में प्रथम आई थी दामिनी
दोनों खिलाड़ियों के माता-पिता दिहाड़ीदार मजदूर हैं। कमलेश पीजी कॉलेज सेक्टर-46 चंडीगढ़ का छात्र है। जबकि दामिनी भारत बनाम श्रीलंका चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुकी है। वह तीन बार राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल और नेशनल स्तर की खिलाड़ी है। वह अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में 30 से अधिक मेडल जीत चुकी है। इंटर स्कूल में सिल्वर मेडलिस्ट और नॉर्थ इंडिया टूर्नामेंट की गोल्ड मेडलिस्ट है। दामिनी अपनी पढ़ाई के लिये पोलियो ड्रॉप्स एवं छोटे-मोटे काम करके पैसा इकट्ठा करती है। त्यौहारों के सीजन में वह मेहंदी भी लगाती है। स्कूल में भी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। चंडीगढ़ मैराथन भाई फौजा सिंह में भी वह प्रथम आई थी।
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तीन बार राज्य स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट है कमलेश
कमलेश भारत बनाम नेपाल चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुका है। वह भी तीन बार राज्य स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट है और नॉर्थ इंडिया टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत चुका है। इसके अलावा नेशनल, स्टेट एवं ट्राइसिटी की विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। कमलेश ने ट्रिपल जंप में गोल्ड मेडल जीता था। साथ ही फिजिकल एजूकेशन में भी वह टॉप रहा था। पढ़ाई में भी वह अच्छा प्रदर्शन करता है। वह अपने गुजर बसर के लिए कॉल सेंटर में पियोन का काम करता है। यह दोनों खिलाड़ी अब स्टेट रैफरी बन चुके हैं। चंडीगढ़ की एक महिला ने उसे डाइट के लिये स्पॉंसर कर रखा है। वह उसके खाने-पीने का हर माह खर्च उठा रही है।

ताईक्वांडो खिलाड़ी दामिनी।- फोटो : PKL OFFICE