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Panchkula News: अफसरों के साथ ठेकेदार ने सड़क पर बिछा दीं भ्रष्टाचार की परतें
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पंचकूला नगर निगम में अब 200 करोड़ के सड़क घोटाले का पर्दाफाश
(एक्सक्लूसिव)
स्टेट विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की, ठेकेदारों ने अफसरों से साठ गांठ कर सड़क पर घटिया प्री-मिक्स डाला
घोटाले की रकम से सेक्टर-28 और सेक्टर-4 में आलीशान कोठियां बनाने का आरोपदीपक शाही
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम में भ्रष्टाचार की परतें अब खुलने लगी हैं। कोटक महिंद्रा बैंक में हुए घोटाले के बाद अब शहर की सड़कों के नाम पर हुए करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में डॉ. बीएल टंडन की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि घटिया निर्माण के जरिये सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई गई। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो पंचकूला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) के प्रधान सचिव को पत्र जारी कर दिया है।
शिकायतकर्ता डॉ. बीएल टंडन का आरोप है कि सेक्टर-4 समेत पूरे पंचकूला में सड़कों के पुनर्निर्माण में भारी धांधली हुई है। नियमानुसार बिटुमेन कंक्रीट (बीसी) का इस्तेमाल होना था लेकिन ठेकेदारों ने अफसरों की मिलीभगत से सस्ता और घटिया प्री-मिक्स डालकर खानापूर्ति कर दी। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों की लागत से बनी सड़कें चंद माह में ही उखड़ गईं।
अमर उजाला को मिले पत्र में 2 फरवरी 2026 को विजिलेंस ने अपने पत्र में साफ किया है कि इस शिकायत पर विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी के माध्यम से गहन पूछताछ और तथ्यों की जांच की जाए। अब अप्रैल में फाइल पंचकूला नगर निगम कार्यालय तक पहुंच गई है। जांच का दायरा साल 2021 से 2025 तक हुए सभी सड़कों की रिकाॅरपेटिंग तक बढ़ सकता है। विभाग के इस कदम से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप है।
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बड़े साहब की कोठियों पर उठे सवाल
शिकायत में दावा किया गया है कि भ्रष्टाचार का पैसा केवल ठेकेदारों की जेब में नहीं गया बल्कि इससे पंचकूला के पॉश सेक्टरों (सेक्टर-4 और सेक्टर-28) में अधिकारियों ने खुद के और अपने परिजनों के नाम पर आलीशान कोठियां खड़ी कर ली हैं। विजिलेंस अब इन अधिकारियों की प्रॉपर्टी हिस्ट्री भी खंगाल सकती है।
सीएम नायब सैनी की जीरो टॉलरेंस नीति की परीक्षा
डॉ. बीएल टंडन ने नगर निगम के एक जेई और एक्सईएन के खिलाफ प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पत्र लिखकर शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पद संभालते ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कही थी। इसलिए सीएम को पत्र लिखा है। उन्हें उम्मीद है कि दागी अफसरों पर कार्रवाई करेंगे? जिसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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(एक्सक्लूसिव)
स्टेट विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की, ठेकेदारों ने अफसरों से साठ गांठ कर सड़क पर घटिया प्री-मिक्स डाला
घोटाले की रकम से सेक्टर-28 और सेक्टर-4 में आलीशान कोठियां बनाने का आरोपदीपक शाही
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम में भ्रष्टाचार की परतें अब खुलने लगी हैं। कोटक महिंद्रा बैंक में हुए घोटाले के बाद अब शहर की सड़कों के नाम पर हुए करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में डॉ. बीएल टंडन की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि घटिया निर्माण के जरिये सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई गई। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो पंचकूला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) के प्रधान सचिव को पत्र जारी कर दिया है।
शिकायतकर्ता डॉ. बीएल टंडन का आरोप है कि सेक्टर-4 समेत पूरे पंचकूला में सड़कों के पुनर्निर्माण में भारी धांधली हुई है। नियमानुसार बिटुमेन कंक्रीट (बीसी) का इस्तेमाल होना था लेकिन ठेकेदारों ने अफसरों की मिलीभगत से सस्ता और घटिया प्री-मिक्स डालकर खानापूर्ति कर दी। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों की लागत से बनी सड़कें चंद माह में ही उखड़ गईं।
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अमर उजाला को मिले पत्र में 2 फरवरी 2026 को विजिलेंस ने अपने पत्र में साफ किया है कि इस शिकायत पर विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी के माध्यम से गहन पूछताछ और तथ्यों की जांच की जाए। अब अप्रैल में फाइल पंचकूला नगर निगम कार्यालय तक पहुंच गई है। जांच का दायरा साल 2021 से 2025 तक हुए सभी सड़कों की रिकाॅरपेटिंग तक बढ़ सकता है। विभाग के इस कदम से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप है।
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बड़े साहब की कोठियों पर उठे सवाल
शिकायत में दावा किया गया है कि भ्रष्टाचार का पैसा केवल ठेकेदारों की जेब में नहीं गया बल्कि इससे पंचकूला के पॉश सेक्टरों (सेक्टर-4 और सेक्टर-28) में अधिकारियों ने खुद के और अपने परिजनों के नाम पर आलीशान कोठियां खड़ी कर ली हैं। विजिलेंस अब इन अधिकारियों की प्रॉपर्टी हिस्ट्री भी खंगाल सकती है।
सीएम नायब सैनी की जीरो टॉलरेंस नीति की परीक्षा
डॉ. बीएल टंडन ने नगर निगम के एक जेई और एक्सईएन के खिलाफ प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पत्र लिखकर शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पद संभालते ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कही थी। इसलिए सीएम को पत्र लिखा है। उन्हें उम्मीद है कि दागी अफसरों पर कार्रवाई करेंगे? जिसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर दी।