{"_id":"61be3dcce495a945ac16e81f","slug":"movement-anganwadi-workers-and-helper-union-raised-slogans-against-the-government-pkl-office-news-pkl436517850","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंदोलन : आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर यूनियन ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंदोलन : आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर यूनियन ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
विज्ञापन
पंचकूला। साइबर ठगी का धंधा फलता-फूलता जा रहा है। ऑनलाइन किसी भी तरह की हेल्प लेना खतरे से खाली नहीं है। यदि आपने अपने से संबंधित जानकारी किसी से साझा किया तो समझें आप ठगों के जाल में फंस रहे हैं। वर्तमान में कोई सेना का जवान बनकर तो कोई एप डाउन लोड करवाकर लोगों के एकाउंट से रुपये निकालने में लगे हैं। पुलिस की साइबर सेल इस मामले में बिल्कुल असहाय नजर आ रही है। पंचकूला में एक वर्ष के दौरान अब तक साइबर ठगी के 120 मामले सामने आ चुके हैं। साइबर ठग महिलाओं, व्यापारियों, सीनियर सिटीजन, सैन्य से जुड़े लोगों समेत अन्य लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। अगर आप किसी भी साइट पर जाकर अपनी जानकारी शेयर करते हैं तो साइबर ठग वहीं से आप तक पहुंच जाते हैं।
केस-1
एप डाउनलोड करवाया और 9.24 लाख रुपये निकाले
पंचकूला सेक्टर-9 निवासी महिला पूनम गुप्ता ने कहा कि वह अपने पति की व्यवसाय में मदद करती है। 10 दिसंबर को एलआईसी की किस्त ऑटो डेबिट हो गई। ऑटो डेबिट हटाने के लिए कस्टमर केयर पर फोन मिलाया। बातचीत के थोड़ी देर बाद महिला पूनम गुप्ता का उनके पास फोन आया। उन्होंने अपने बैंक अकाउंट्स की समस्या बताई। महिला को विश्वास में लेकर साइबर ठग ने एनी डेस्क नाम का एप उनके फोन में डाउनलोड करवा दिया। इसके बाद उसके खाते से 9.24 लाख रुपये निकल गए।
केस-2
मिलिट्री का जवान बनकर निकाले 40 हजार
पंचकूला सेक्टर-12ए के निवासी खुशीराम ने बताया कि उन्होंने अपना मकान किराये पर देने के लिए 99 एकड़ साइट पर ऑनलाइन जानकारी दी थी। इसके बाद उनके मकान को लेने के लिए अमित नाम के व्यक्ति ने स्वयं को मिलिट्री में बताकर फोटो, आधार कार्ड नंबर भेजा। नंबर भेजने के बाद उसने खाते की डिटेल मांगी। खुशी राम की तरफ से उनको डिटेल भेज दी गई। डिटेल भेजने के बाद खुशीराम के खाते से साइबर ठगों ने तीन ट्रांजेक्शन में 40000 रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामले की जांच कर 24 दिन बाद केस दर्ज किया।
विज्ञापन
केस -3
कस्टम ड्यूटी जमा कराने के नाम पर 68400 रुपये ठगे
सेक्टर-15 निवासी रामफल दुग्गल ने बताया कि उनके दोस्त लहना सिंह के रिश्तेदार बनकर आरोपी ललिता देशवाल ने कस्टम ड्यूटी जमा कराने के नाम पर 68400 रुपये की ठगी कर ली। तीन माह बाद केस दर्ज हुआ है। अभी तक उनका पैसा पुलिस रिकवर नहीं करवा पाई है।
ऐसे करें बचाव
1-सोशल साइट (फेसबुक, इनस्टाग्राम) पर किसी भी अनजान के साथ दोस्ती न करें और फोन पर किसी भी बैंक खाते की निजी जानकारी शेयर न करें।
2-सोशल मीडिया या ई-मेल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर ना तो क्लिक करें और नही ही किसी प्रकार से अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें क्योंकि ऐसा करने से वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं
3- साइबर अपराधी संदिग्ध लिंक का फायदा उठाकर भोलेभाले नागरिकों के बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं
4- सोशल मीडिया और ई-मेल पर आने वाले किसी भी फर्जी लिंक को खोलने से बचें।
5- साइबर अपराधी अनेकों कंपनियों से मिलती जुलती नकली यूपीआईडी के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऑनलाइन सामान खरीदते समय संबंधित कंपनी की जांच करके ही खरीदारी करें
पुलिस की तरफ से ऑनलाइन और अन्य ठगी के मामले की जांच तो की जा रही है। इसके साथ ही हम लगातार अभियान चला रहे हैं। इसमें लोगों को बता रहे हैं कि कैसे आनलाइन ठगी से बचा जा सकता है। साइबर क्राइम के मामले में जल्द ही आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करेगी। इसके लिए अतिरिक्त टीमें बनाकर जांच की जाएगी। - मोहित हांडा, डीसीपी, पंचकूला।
विज्ञापन
केस-1
एप डाउनलोड करवाया और 9.24 लाख रुपये निकाले
पंचकूला सेक्टर-9 निवासी महिला पूनम गुप्ता ने कहा कि वह अपने पति की व्यवसाय में मदद करती है। 10 दिसंबर को एलआईसी की किस्त ऑटो डेबिट हो गई। ऑटो डेबिट हटाने के लिए कस्टमर केयर पर फोन मिलाया। बातचीत के थोड़ी देर बाद महिला पूनम गुप्ता का उनके पास फोन आया। उन्होंने अपने बैंक अकाउंट्स की समस्या बताई। महिला को विश्वास में लेकर साइबर ठग ने एनी डेस्क नाम का एप उनके फोन में डाउनलोड करवा दिया। इसके बाद उसके खाते से 9.24 लाख रुपये निकल गए।
विज्ञापन
केस-2
मिलिट्री का जवान बनकर निकाले 40 हजार
पंचकूला सेक्टर-12ए के निवासी खुशीराम ने बताया कि उन्होंने अपना मकान किराये पर देने के लिए 99 एकड़ साइट पर ऑनलाइन जानकारी दी थी। इसके बाद उनके मकान को लेने के लिए अमित नाम के व्यक्ति ने स्वयं को मिलिट्री में बताकर फोटो, आधार कार्ड नंबर भेजा। नंबर भेजने के बाद उसने खाते की डिटेल मांगी। खुशी राम की तरफ से उनको डिटेल भेज दी गई। डिटेल भेजने के बाद खुशीराम के खाते से साइबर ठगों ने तीन ट्रांजेक्शन में 40000 रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामले की जांच कर 24 दिन बाद केस दर्ज किया।
विज्ञापन
केस -3
कस्टम ड्यूटी जमा कराने के नाम पर 68400 रुपये ठगे
सेक्टर-15 निवासी रामफल दुग्गल ने बताया कि उनके दोस्त लहना सिंह के रिश्तेदार बनकर आरोपी ललिता देशवाल ने कस्टम ड्यूटी जमा कराने के नाम पर 68400 रुपये की ठगी कर ली। तीन माह बाद केस दर्ज हुआ है। अभी तक उनका पैसा पुलिस रिकवर नहीं करवा पाई है।
ऐसे करें बचाव
1-सोशल साइट (फेसबुक, इनस्टाग्राम) पर किसी भी अनजान के साथ दोस्ती न करें और फोन पर किसी भी बैंक खाते की निजी जानकारी शेयर न करें।
2-सोशल मीडिया या ई-मेल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर ना तो क्लिक करें और नही ही किसी प्रकार से अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें क्योंकि ऐसा करने से वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं
3- साइबर अपराधी संदिग्ध लिंक का फायदा उठाकर भोलेभाले नागरिकों के बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं
4- सोशल मीडिया और ई-मेल पर आने वाले किसी भी फर्जी लिंक को खोलने से बचें।
5- साइबर अपराधी अनेकों कंपनियों से मिलती जुलती नकली यूपीआईडी के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऑनलाइन सामान खरीदते समय संबंधित कंपनी की जांच करके ही खरीदारी करें
पुलिस की तरफ से ऑनलाइन और अन्य ठगी के मामले की जांच तो की जा रही है। इसके साथ ही हम लगातार अभियान चला रहे हैं। इसमें लोगों को बता रहे हैं कि कैसे आनलाइन ठगी से बचा जा सकता है। साइबर क्राइम के मामले में जल्द ही आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करेगी। इसके लिए अतिरिक्त टीमें बनाकर जांच की जाएगी। - मोहित हांडा, डीसीपी, पंचकूला।