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Panchkula News: मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल मानकों पर खरा नहीं, दमकल विभाग ने जताई आपत्ति, आज दोबारा होगी जांच
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मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल। संवाद
पंचकूला। सेक्टर-6 मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के नए भवन में फायर फाइटिंग से जुड़े मानक पूरे नहीं हैं। इसके चलते दमकल विभाग ने एनओसी की फाइल पर ऑब्जेक्शन लगा दिया। दोबारा फायर फाइटिंग से जुड़े मानकों को पूरा कर पीडब्ल्यूडी ने दोबारा फायर एनओसी के लिए आवेदन किया है। शनिवार को दमकल विभाग के अधिकारी दोबारा मानकों की जांच करेंगे। मानक पूरे होंगे, तभी विभाग पीडब्ल्यूडी को फायर एनओसी जारी करेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दो माह पहले फायर से जुड़ी जो कमियां मिली थीं, उसका अभी तक पीडब्ल्यूडी ने जवाब नहीं दिया है।
बता दें कि 113 करोड़ की लागत से बने 11 मंजिला मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के भवन को पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। इसका वर्चुअल उद्घाटन अगस्त 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी, कि एक छत के नीचे जच्चा-बच्चा को उपचार के सभी संसाधन मिलेंगे। एक बेड पर दो गर्भवती महिलाओं को लेबर रूम में नहीं लेटना पड़ेगा। अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उधर अस्पताल कब से शुरू होगा, इस संबंध में पंचकूला की सिविल सर्जन मुक्ता कुमार भी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की तैयारी भी अभी अधूरी है।
फंड की कमी के चलते समय पर पूरा नहीं हुआ भवन
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में अभी भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस भवन में मशीनों को इंस्टाल भी नहीं किया गया है। अभी भवन में कोई भी वार्ड नहीं बनाया गया है। मशीनों को भी अस्पताल में एक भी ओपीडी, काउंटर नहीं बनाया गया है। उद्घाटन के बाद भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। अस्पताल की नई बिल्डिंग का काम 19 मई 2021 को शुरू किया गया था। इसे 31 जनवरी 2023 तक पूरा करना था, लेकिन फंड की कमी के चलते बीच में काम रोकना पड़ा।
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2024 में बिल्डिंग का काम पूरा हुआ। अब एनओसी के चक्कर में मामला लटका है। अस्पताल में अभी दस करोड़ की मशीनें स्थापित की जानी हैं। इसमें अभी टेस्टिंग मशीन भी इंस्टाल नहीं किया गया हैं। इस कारण पंचकूला सहित कालका, पिंजौर, रायपुररानी, बरवाला, मोरनी की महिलाओं को अभी टेस्टिंग में वेटिंग की समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्हें पहले डॉक्टर से जांच और उसके बाद अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग के अनुसार अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने पड़ेंगे।
ये मिलेंगी सुविधाएं
200 बेड का अस्पताल
-तीन आईसीयू वार्ड
-नौ ऑपरेशन थिएटर
-28 वार्ड, हर वार्ड में छह मरीजों का बेड
-तीन सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट
-अलग-अलग फ्लोर पर 22 प्राइवेट वार्ड
-35 नर्सिंग स्टेशन
-तीन बेसमेंट में दो में पार्किंग, स्टोर रूम
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग के लिए आवेदन किया गया था, जिसपर दमकल विभाग ने ऑब्जेक्शन लगा दिया था, मानक पूरे कर दोबारा एनओसी के लिए आवेदन किया गया है। एनओसी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को बिल्डिंग हैंडओवर कर दी जाएगी। - आशीष चौहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी पंचकूला
सेक्टर-6 मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में फायर फाइटिंग से जुड़े मानक पूरे नहीं थे। इसके चलते एनओसी की फाइल पर ऑब्जेक्शन लगा दिया गया था। पीडब्ल्यूडी ने फायर एनओसी के लिए दोबारा आवेदन किया है। शनिवार को बिल्डिंग में फायर एनओसी से जुड़े मानकों की जांच की जाएगी। उसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा। - तरसेम सिंह, फायर अधिकारी, दमकल विभाग पंचकूला।
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बता दें कि 113 करोड़ की लागत से बने 11 मंजिला मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के भवन को पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। इसका वर्चुअल उद्घाटन अगस्त 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी, कि एक छत के नीचे जच्चा-बच्चा को उपचार के सभी संसाधन मिलेंगे। एक बेड पर दो गर्भवती महिलाओं को लेबर रूम में नहीं लेटना पड़ेगा। अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उधर अस्पताल कब से शुरू होगा, इस संबंध में पंचकूला की सिविल सर्जन मुक्ता कुमार भी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की तैयारी भी अभी अधूरी है।
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फंड की कमी के चलते समय पर पूरा नहीं हुआ भवन
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में अभी भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस भवन में मशीनों को इंस्टाल भी नहीं किया गया है। अभी भवन में कोई भी वार्ड नहीं बनाया गया है। मशीनों को भी अस्पताल में एक भी ओपीडी, काउंटर नहीं बनाया गया है। उद्घाटन के बाद भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। अस्पताल की नई बिल्डिंग का काम 19 मई 2021 को शुरू किया गया था। इसे 31 जनवरी 2023 तक पूरा करना था, लेकिन फंड की कमी के चलते बीच में काम रोकना पड़ा।
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2024 में बिल्डिंग का काम पूरा हुआ। अब एनओसी के चक्कर में मामला लटका है। अस्पताल में अभी दस करोड़ की मशीनें स्थापित की जानी हैं। इसमें अभी टेस्टिंग मशीन भी इंस्टाल नहीं किया गया हैं। इस कारण पंचकूला सहित कालका, पिंजौर, रायपुररानी, बरवाला, मोरनी की महिलाओं को अभी टेस्टिंग में वेटिंग की समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्हें पहले डॉक्टर से जांच और उसके बाद अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग के अनुसार अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने पड़ेंगे।
ये मिलेंगी सुविधाएं
200 बेड का अस्पताल
-तीन आईसीयू वार्ड
-नौ ऑपरेशन थिएटर
-28 वार्ड, हर वार्ड में छह मरीजों का बेड
-तीन सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट
-अलग-अलग फ्लोर पर 22 प्राइवेट वार्ड
-35 नर्सिंग स्टेशन
-तीन बेसमेंट में दो में पार्किंग, स्टोर रूम
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग के लिए आवेदन किया गया था, जिसपर दमकल विभाग ने ऑब्जेक्शन लगा दिया था, मानक पूरे कर दोबारा एनओसी के लिए आवेदन किया गया है। एनओसी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को बिल्डिंग हैंडओवर कर दी जाएगी। - आशीष चौहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी पंचकूला
सेक्टर-6 मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में फायर फाइटिंग से जुड़े मानक पूरे नहीं थे। इसके चलते एनओसी की फाइल पर ऑब्जेक्शन लगा दिया गया था। पीडब्ल्यूडी ने फायर एनओसी के लिए दोबारा आवेदन किया है। शनिवार को बिल्डिंग में फायर एनओसी से जुड़े मानकों की जांच की जाएगी। उसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा। - तरसेम सिंह, फायर अधिकारी, दमकल विभाग पंचकूला।