फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   More than 100 officers of power corporations under suspicion

मिलीभगत से बिजली चोरी कराने का मामला : संदेह के घेरे में बिजली निगमों के 100 से अधिक अधिकारी

Sun, 08 Aug 2021 02:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 02:12 AM IST
विज्ञापन
More than 100 officers of power corporations under suspicion
चंडीगढ़। मिलीभगत से बिजली चोरी कराने में शामिल बिजली निगम के करीब 100 अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। इनमें कंप्यूटर आपरेटर से लेकर शिफ्ट अटेंडेंट, सहायक लाइनमैन, लाइनमैन, जेई, एसडीओ, एक्सईएन और एसई स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सभी की कुंडली खंगालने के बाद अब बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने ऐसे सभी संदिग्ध अधिकारियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। नोटिस के बाद सभी के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश में इस साल दो बार बड़े स्तर पर बिजली चोरी पकड़ने का अभियान चलाया जा चुका है। फरवरी में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा राज्य के औद्योगिक और अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई थी। उस समय निगम की टीमों ने 4295 कनेक्शन चेक किए, जिनमें से 1411 बिजली चोरों के मामले सामने आए थे। इस दौरान 3037 किलोवाट बिजली चोरी पाई गई। इन पर 5.59 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, जुलाई में पूरे प्रदेश में दो दिन चली चेकिंग में 13985 किलोवाट से अधिक बिजली चोरी के मामलों में लगभग 25.6 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। दोनों निगम की कुल 482 टीमों ने 29948 बिजली के कनेक्शन जांचे और 6015 बिजली चोरी के मामले पकड़े थे।
विज्ञापन

जांच में सामने आई मिलीभगत
बिजली चोरी की चेकिंग के बाद जांच में कई ऐसे मामले मिले, जिन उपभोक्तों पर लाखों या फिर करोड़ों रुपये का बकाया था और उनके कनेक्शन कटे हुए थे। अधिकारियों ने मिलीभगत करके अवैध तरीके से उनके कनेक्शन चालू कर दिए। साथ ही गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में डेवलपर्स को मानकों के खिलाफ जाकर सिंगल प्वाइंट कनेक्शन दिये जाने में भी काफी घोर लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आने के बाद विभाग के मंत्री रणजीत सिंह ने बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास दोनों निगमों के प्रबंध निदेशकों (एमडी) को विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

एनसीआर में अधिक चोरी
जांच का एक पहलू यह भी है सबसे अधिक बिजली चोरी एनसीआर के इलाके में हो रही है। औद्योगिक कलस्टर के रूप में उभरकर सामने आए गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर, धारूहेड़ा व रेवाड़ी एरिया में चोरी के अधिक मामले सामने आए हैं। यहां पर कई बड़े उद्योग भी हैं। जांच में सामने आया है कि इंडस्ट्रीज में अधिकारियों की मिलीभगत से चोरी कराई गई। इसलिए इसको रोकने के लिए सरकार बड़े एक्शन की तैयारी में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में दो बार की गई चेकिंग में 8 हजार से अधिक प्रतिष्ठानों में बिजली चोरी पकड़ी गई। हमारे पास ऐसी शिकायतें आई थी कि चोरी मिलीभगत से की जा रही है। जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध रही है, उन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। - रणजीत सिंह, बिजली मंत्री।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed