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Panchkula News: तलवंडी साबो में जगा रजवाहे में बीस फीट दरार पड़ने से साै एकड़ से ज्यादा फसल तबाह
Tue, 26 Aug 2025 09:18 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Tue, 26 Aug 2025 09:18 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। तलवंडी साबो में स्थित जगा रजवाहे में सोमवार आधी रात को बीस फीट से ज्यादा दरार पड़ गईं, जिस कारण रजवाहे से पानी खेतों में चला गया और साै एकड़ से ज्यादा फसल तबाह होने का अनुमान लगाया जा रहा।
रामपुरा के गांव ज्योंद में भारी बारिश से खेतों में भरे पानी भर गया। ग्रामीणों को पता चलते ही उन्होंने अपने स्तर पर दोनों जगह दरार भरने का काम शुरू कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से तलवंडी साबो में मंगलवार सुबह राहत कार्य शुरू किया गया। किसानों का कहना था कि कपास की फसल पर पहले गुलाबी और सफेद मक्खी का हमला हो गया था, अब कुदरती आफत कारण कपास की फसल तबाह हो रही। अगर पहले से ही पुख्ता प्रबंध होते तो रजवाहे में दरार न आती।
किसान जगसीर ने कहा कि आप सरकार को पहले से कुदरती आफत के लिए प्रबंध करने चाहिए थे लेकिन सरकार ने पहले कोई प्रबंध नहीं किया। जब किसानों का नुकसान हो जाता है, उसके बाद सरकार की आंख खुलती है। किसानों ने मांग की कि पीड़ित किसानों को जल्दी उचित मुआवजा दिया जाए।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश कारण किसान अब अपनी कपास की फसल को लेकर चिंता में दिखाई दे रहे हैं। किसानों का कहना था कि अगर कपास की फसल ड्राई होगी तो उसी पर फल होगा। अगर इसमें नमी आ गई तो फसल खराब होने की संभावना अधिक हो जाएगी।
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बठिंडा। तलवंडी साबो में स्थित जगा रजवाहे में सोमवार आधी रात को बीस फीट से ज्यादा दरार पड़ गईं, जिस कारण रजवाहे से पानी खेतों में चला गया और साै एकड़ से ज्यादा फसल तबाह होने का अनुमान लगाया जा रहा।
रामपुरा के गांव ज्योंद में भारी बारिश से खेतों में भरे पानी भर गया। ग्रामीणों को पता चलते ही उन्होंने अपने स्तर पर दोनों जगह दरार भरने का काम शुरू कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से तलवंडी साबो में मंगलवार सुबह राहत कार्य शुरू किया गया। किसानों का कहना था कि कपास की फसल पर पहले गुलाबी और सफेद मक्खी का हमला हो गया था, अब कुदरती आफत कारण कपास की फसल तबाह हो रही। अगर पहले से ही पुख्ता प्रबंध होते तो रजवाहे में दरार न आती।
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किसान जगसीर ने कहा कि आप सरकार को पहले से कुदरती आफत के लिए प्रबंध करने चाहिए थे लेकिन सरकार ने पहले कोई प्रबंध नहीं किया। जब किसानों का नुकसान हो जाता है, उसके बाद सरकार की आंख खुलती है। किसानों ने मांग की कि पीड़ित किसानों को जल्दी उचित मुआवजा दिया जाए।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश कारण किसान अब अपनी कपास की फसल को लेकर चिंता में दिखाई दे रहे हैं। किसानों का कहना था कि अगर कपास की फसल ड्राई होगी तो उसी पर फल होगा। अगर इसमें नमी आ गई तो फसल खराब होने की संभावना अधिक हो जाएगी।