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Panchkula News: पंचकूला में बंदर पकड़ने का अभियान शुरू, पहले दिन 30 बंदर पकड़े
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के बंदरों को पकड़ने का काम फिर शुरू हो गया है। शनिवार को अभियान के तहत 30 बंदरों को पकड़ा गया। नगर निगम पंचकूला के आयुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि ठेकेदार के कारिंदों ने सेक्टर-25 से पहले दिन 30 से अधिक बंदरों को पकड़कर वन सीमा में छोड़ दिया। नगर निगम के उपनिगम आयुक्त अपूर्वा चौधरी की देखरेख में यह अभियान शुरु किया गया है। एक ही तरह के बंदर बार-बार शहर में ना आ पाएं, इसके लिए भी एक चेकिंग सिस्टम बनाया जा रहा है।
पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल ने बताया कि अभियान शहर के तमाम बंदर पकड़े जाने तक जारी रहेगा। जहां बंदर ज्यादा हैं, वहां के नागरिक निगम कार्यालय में सूचना दे सकते हैं, ताकि वहां पिंजरा लगाया जा सके। जब भी अभियान खत्म होगा, शहर के लोगों को आतंक मचाने वाले बंदरों से छुटकारा मिलेगा और वह भय रहित अपने घरों में रह सकेंगे। अपनी छतों पर घूमने के साथ-साथ सामान इत्यादि भी रख सकेंगे। अभियान से पहले नागरिक बंदरों से काफी परेशान थे, कुछ बच्चों व नागरिकों को बंदरों द्वारा काटे जाने की घटनाएं भी सामने आई थी, अब आगे ऐसा नहीं होगा।
आयुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि एक्सपर्ट की टीम इस काम को कर रही है। करीब पांच से छह व्यक्ति तीन पिंजरों के साथ इस काम में लगे हुए हैं। बंदरों को पकड़ने के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा रहा है। शहर के जिस एरिया से बंदरों को पकड़ा जाता है, वहां के कुछ नागरिकों से लिखवाकर भी लिया जाता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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पंचकूला। शहर के बंदरों को पकड़ने का काम फिर शुरू हो गया है। शनिवार को अभियान के तहत 30 बंदरों को पकड़ा गया। नगर निगम पंचकूला के आयुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि ठेकेदार के कारिंदों ने सेक्टर-25 से पहले दिन 30 से अधिक बंदरों को पकड़कर वन सीमा में छोड़ दिया। नगर निगम के उपनिगम आयुक्त अपूर्वा चौधरी की देखरेख में यह अभियान शुरु किया गया है। एक ही तरह के बंदर बार-बार शहर में ना आ पाएं, इसके लिए भी एक चेकिंग सिस्टम बनाया जा रहा है।
पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल ने बताया कि अभियान शहर के तमाम बंदर पकड़े जाने तक जारी रहेगा। जहां बंदर ज्यादा हैं, वहां के नागरिक निगम कार्यालय में सूचना दे सकते हैं, ताकि वहां पिंजरा लगाया जा सके। जब भी अभियान खत्म होगा, शहर के लोगों को आतंक मचाने वाले बंदरों से छुटकारा मिलेगा और वह भय रहित अपने घरों में रह सकेंगे। अपनी छतों पर घूमने के साथ-साथ सामान इत्यादि भी रख सकेंगे। अभियान से पहले नागरिक बंदरों से काफी परेशान थे, कुछ बच्चों व नागरिकों को बंदरों द्वारा काटे जाने की घटनाएं भी सामने आई थी, अब आगे ऐसा नहीं होगा।
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आयुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि एक्सपर्ट की टीम इस काम को कर रही है। करीब पांच से छह व्यक्ति तीन पिंजरों के साथ इस काम में लगे हुए हैं। बंदरों को पकड़ने के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा रहा है। शहर के जिस एरिया से बंदरों को पकड़ा जाता है, वहां के कुछ नागरिकों से लिखवाकर भी लिया जाता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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