{"_id":"572ba2754f1c1ba27b5cd0bc","slug":"mogul-village-window-water-probem-panchukla-water-probem","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव खड़क मंगोली में पानी के लिए रोज होती है जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव खड़क मंगोली में पानी के लिए रोज होती है जंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2016 01:13 AM IST
विज्ञापन
गांव मंगोली में पानी के लिए लगी कतार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला के गांव खड़क मंगोली में पानी के लिए रोजाना जंग होती है। कारण है कि गांव में कुछ घरों मेें पानी की सप्लाई है। इन घरों से ही लोगों को पानी लेने जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में जिनके घर हैं वह पानी पहले लेने के लिए अड़ जाते हैं। मजबूरन पानी लेने आने वालों को अपने बर्तनों को पीछे हटाना पड़ता है। ऐसा करने से कोई इंकार करता है तो शुरू हो जाती है जंग। गांव में सुबह करीब आठ बजे पानी आता है, जिसके लिए सुबह सात बजे से ही लाइन लग जाती हैं।
दोनों हाथ बेकार, कोहनी से उठाती हैं बर्तन
गांव खड़क मंगोली में रहने वाली 60 वर्ष की कमला के दोनों हाथ बेकार हो हैं। थोड़ी बहुत जान हाथों की कोहनी में हैं। उनके घर में कोई ऐसा नहीं है जो कि पानी ला सके। वीरवार को तीन दिन बाद कमला पानी लेने के लिए निकलीं। जब कमला से अमर उजाला टीम ने बात की तो वह रो पड़ीं। उन्होंने कहा अभी तो किसी तरह से गुजारा चल रहा है। आगे क्या होगा, यह सोंचकर कांप उठती हूं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द हमको पानी उपलब्ध करवाए।
बाक्स
करीब 65 वर्ष की करतारी घुटनों के दर्द से परेशान है। करतारी के घर में कोई और नहीं है। करतारी ने कहा कि पानी लाना तो उनकी मजबूरी है। घर में कोई है नहीं तो खुद ही जाना पड़ता है। एक दिन पानी लाती हैं किसी तरह से दो से तीन दिन तक गुजारा उसी में करती हैं। पानी की इतनी किल्लत होने के कारण दैनिक कार्य में उसका उपयोग काफी संभालकर करना पड़ता है। कोई और नहीं है तो यदि कभी तबियत खराब हो गई तो पानी के बगैर ही रह जाऊंगी।
विज्ञापन
दो किलोमीटर दूर जाती हूं मैं
गांव खड़क मंगोली की रहने वाली बबली पानी लाने के लिए रोजाना दो चक्कर काटती हैं। बबली ने कहा कि गांव में पांच हजार परिवार हैं और गिने चुने 25 घरों तक पानी की सप्लाई होती है। कुछ लोग एक ओर चले जाते हैं तो कुछ सेक्टर दो की ओर। उन्होंने कहा कि उनको पानी भरने मेें करीब दो घंटा लग जाता है।
एक घंटे में मिलता है पानी
पूजा और विमला ने कहा कि उनको पानी के लिए कम से कम एक घंटा लगता है। रोज सुबह सात बजे तक नल तक न पहुंचीं तो समझो यही समय दो से तीन घंटे तक का हो जाता है। उनको दो बार पानी के लिए आना जाना पड़ता है। पूजा और विमला ने कहा कि पानी के लिए अक्सर लड़ाई भी हो जाती है। इसलिए प्रशासन को जल्द ही यहां पानी की सप्लाई की व्यवस्था करनी चाहिए।
मैंने बुलाई थी मीटिंग, सर्वे होगा
पंचकूला की डीसी गरिमा मित्तल ने कहा कि गांव खड़क मंगोली में पानी की समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने डीसी कार्यालय में वीरवार को बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि गांव का सर्वे करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है और जल्द से जल्द पानी की समस्या का हल निकाला जाएगा।
विज्ञापन
दोनों हाथ बेकार, कोहनी से उठाती हैं बर्तन
गांव खड़क मंगोली में रहने वाली 60 वर्ष की कमला के दोनों हाथ बेकार हो हैं। थोड़ी बहुत जान हाथों की कोहनी में हैं। उनके घर में कोई ऐसा नहीं है जो कि पानी ला सके। वीरवार को तीन दिन बाद कमला पानी लेने के लिए निकलीं। जब कमला से अमर उजाला टीम ने बात की तो वह रो पड़ीं। उन्होंने कहा अभी तो किसी तरह से गुजारा चल रहा है। आगे क्या होगा, यह सोंचकर कांप उठती हूं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द हमको पानी उपलब्ध करवाए।
विज्ञापन
बाक्स
करीब 65 वर्ष की करतारी घुटनों के दर्द से परेशान है। करतारी के घर में कोई और नहीं है। करतारी ने कहा कि पानी लाना तो उनकी मजबूरी है। घर में कोई है नहीं तो खुद ही जाना पड़ता है। एक दिन पानी लाती हैं किसी तरह से दो से तीन दिन तक गुजारा उसी में करती हैं। पानी की इतनी किल्लत होने के कारण दैनिक कार्य में उसका उपयोग काफी संभालकर करना पड़ता है। कोई और नहीं है तो यदि कभी तबियत खराब हो गई तो पानी के बगैर ही रह जाऊंगी।
विज्ञापन
दो किलोमीटर दूर जाती हूं मैं
गांव खड़क मंगोली की रहने वाली बबली पानी लाने के लिए रोजाना दो चक्कर काटती हैं। बबली ने कहा कि गांव में पांच हजार परिवार हैं और गिने चुने 25 घरों तक पानी की सप्लाई होती है। कुछ लोग एक ओर चले जाते हैं तो कुछ सेक्टर दो की ओर। उन्होंने कहा कि उनको पानी भरने मेें करीब दो घंटा लग जाता है।
एक घंटे में मिलता है पानी
पूजा और विमला ने कहा कि उनको पानी के लिए कम से कम एक घंटा लगता है। रोज सुबह सात बजे तक नल तक न पहुंचीं तो समझो यही समय दो से तीन घंटे तक का हो जाता है। उनको दो बार पानी के लिए आना जाना पड़ता है। पूजा और विमला ने कहा कि पानी के लिए अक्सर लड़ाई भी हो जाती है। इसलिए प्रशासन को जल्द ही यहां पानी की सप्लाई की व्यवस्था करनी चाहिए।
मैंने बुलाई थी मीटिंग, सर्वे होगा
पंचकूला की डीसी गरिमा मित्तल ने कहा कि गांव खड़क मंगोली में पानी की समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने डीसी कार्यालय में वीरवार को बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि गांव का सर्वे करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है और जल्द से जल्द पानी की समस्या का हल निकाला जाएगा।