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एचपीएससी की परीक्षा के न्यूनतम योग्यता अंक स्पष्ट नहीं
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चंडीगढ़। हरियाणा में नॉन-एचसीएस (गैर-राज्य सिविल सेवा) कोटे से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) चयन के लिए ली गई लिखित परीक्षा के न्यूनतम अंक ही स्पष्ट नहीं किए गए हैं। 5 पद भरने के लिए चल रही हैं प्रक्रिया पहले से विवादों में है। उच्च न्यायालय इस पर रोक भी लगा चुका है, जो 23 सितंबर को ही हटाई गई है। 9 अगस्त को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी ) ने परीक्षा ली थी ताकि 332 योग्य आवेदनकर्ताओं में से योग्य उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग कर उनके नाम राज्य सरकार को आगामी चयन के लिए भेजे जा सकें। अभी तक एचपीएससी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं कर पाया है। राज्य सरकार ने लिखित परीक्षा का स्वरूप (पैटर्न) और पाठ्यक्रम भी निर्धारित किया था। जिसके अनुसार परीक्षा में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे, जिनमें 2 अंक वाले 10, 3 अंक वाले 20 एवं 6 अंक वाले 70 प्रश्न थे। इनका कुल योग 500 अंक बनता है। आश्चर्य की बात है कि राज्य सरकार ने कहीं भी उपयुक्त उम्मीदवार चुनने के लिए न्यूनतम योग्यता अंक (काट ऑफ मार्क्स) का उल्लेख नहीं किया है। एचपीएससी परीक्षा के आधार पर किस मापदंड से अधिकतम 25 सफल उम्मीदवारों के नाम राज्य सरकार को भेजेगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील हेमंत कुमार ने बताया कि 9 जून 2020 को हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग ने गजट अधिसूचना जारी कर एचपीएससी को स्क्रीनिंग परीक्षा लेने के लिए अधिकृत किया था। आयोग को खाली पदों से पांच गुना नाम तय कर सरकार को भेजने हैं। इसके बाद मुख्य सचिव उन उम्मीदवारों का संबंधित विभागों से गोपनीय सेवा रिकॉर्ड आदि मंगवाकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजेंगे। हेमंत ने प्रश्न उठाया है कि न्यूनतम योग्यता अंक ही निर्धारित न होने से आयोग कैसे 25 उम्मीदवारों के नाम तय कर भेजेगा, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। चूंकि, किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में न्यूनतम योग्यता अंक का निर्धारण परीक्षा संचालन से पहले ही प्रासंगिक नियमों, विनियमों या अधिसूचना, आदेश में स्पष्ट किया जाता है। इसे परीक्षा के बाद निर्धारित नहीं किया जाता।
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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील हेमंत कुमार ने बताया कि 9 जून 2020 को हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग ने गजट अधिसूचना जारी कर एचपीएससी को स्क्रीनिंग परीक्षा लेने के लिए अधिकृत किया था। आयोग को खाली पदों से पांच गुना नाम तय कर सरकार को भेजने हैं। इसके बाद मुख्य सचिव उन उम्मीदवारों का संबंधित विभागों से गोपनीय सेवा रिकॉर्ड आदि मंगवाकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजेंगे। हेमंत ने प्रश्न उठाया है कि न्यूनतम योग्यता अंक ही निर्धारित न होने से आयोग कैसे 25 उम्मीदवारों के नाम तय कर भेजेगा, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। चूंकि, किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में न्यूनतम योग्यता अंक का निर्धारण परीक्षा संचालन से पहले ही प्रासंगिक नियमों, विनियमों या अधिसूचना, आदेश में स्पष्ट किया जाता है। इसे परीक्षा के बाद निर्धारित नहीं किया जाता।
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