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Panchkula News: मर्ज आज, अल्ट्रासाउंड एक महीने बाद
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पंचकूला। मर्ज आज अल्ट्रासाउंड एक महीने बाद। यह हाल सेक्टर-6 सिविल अस्पताल का है। अस्पताल में गर्भवतियों और मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए एक माह बाद की तारीख मिल रही है। इमरजेंसी के मरीजों का तीन घंटे बाद अल्ट्रासाउंड हो रहा है। इस व्यवस्था से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था चरमरा गई है। हालात यह है कि आज किसी गर्भवती को परेशानी हो रही है तो सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह बाद की तारीख दी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से यह व्यवस्था बनाई गई।
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में रोजाना तीन हजार मरीजों की ओपीडी चल रही है। ओपीडी में सबसे ज्यादा गायनी, एमडी मेडिसिन, सर्जरी की ओपीडी में पेट दर्द, पथरी, गुर्दा सहित अन्य बीमारियों में पीड़ित मरीजों का अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है। अल्ट्रासाउंड कराए जाने को लेकर इमरजेंसी में पेट दर्द के आने वाले मरीजों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसमें लोकल मरीजों की संख्या के साथ कालका, पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी से आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड करवाया जा रहा है। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मरीजों को एक माह और 15 दिन की डेट दी जा रही है। इस कारण मरीजों को कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस कारण भी मरीजों के परिजन परेशान हो रहे हैं। सेक्टर-9 से आए संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें पेट में दर्द है।
तीन दिन से पेट में दर्द होने के बाद वह इमरजेंसी में भर्ती हुए हैं। इसके बाद उनका अल्ट्रासाउंड होने में पांच घंटे से अधिक का समय लगा है। समय अधिक लगने के कारण उन्हें और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिंजौर से आई कमलजीत कौर ने बताया कि बहु को गायनी वार्ड में दिखाया है। उन्हें डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह बाद की डेट दी है। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। सेक्टर-12से आई जसबीर कौर ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, इस कारण भी दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
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अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए रोजाना 300 से ज्यादा मरीज ओपीडी और वार्ड में भर्ती के होते हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले इमरजेंसी के मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। गायनी के मरीजों को इलाज के लिए समय दिया जाता है। इसलिए लोगों को डॉक्टरों की तरफ से समय दिया गया है। अधिक केस आने के बाद उन्हें वेटिंग का समय दिया जाता है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6 पंचकूला
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सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में रोजाना तीन हजार मरीजों की ओपीडी चल रही है। ओपीडी में सबसे ज्यादा गायनी, एमडी मेडिसिन, सर्जरी की ओपीडी में पेट दर्द, पथरी, गुर्दा सहित अन्य बीमारियों में पीड़ित मरीजों का अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है। अल्ट्रासाउंड कराए जाने को लेकर इमरजेंसी में पेट दर्द के आने वाले मरीजों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसमें लोकल मरीजों की संख्या के साथ कालका, पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी से आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड करवाया जा रहा है। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मरीजों को एक माह और 15 दिन की डेट दी जा रही है। इस कारण मरीजों को कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस कारण भी मरीजों के परिजन परेशान हो रहे हैं। सेक्टर-9 से आए संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें पेट में दर्द है।
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तीन दिन से पेट में दर्द होने के बाद वह इमरजेंसी में भर्ती हुए हैं। इसके बाद उनका अल्ट्रासाउंड होने में पांच घंटे से अधिक का समय लगा है। समय अधिक लगने के कारण उन्हें और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिंजौर से आई कमलजीत कौर ने बताया कि बहु को गायनी वार्ड में दिखाया है। उन्हें डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह बाद की डेट दी है। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। सेक्टर-12से आई जसबीर कौर ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, इस कारण भी दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
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अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए रोजाना 300 से ज्यादा मरीज ओपीडी और वार्ड में भर्ती के होते हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले इमरजेंसी के मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। गायनी के मरीजों को इलाज के लिए समय दिया जाता है। इसलिए लोगों को डॉक्टरों की तरफ से समय दिया गया है। अधिक केस आने के बाद उन्हें वेटिंग का समय दिया जाता है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6 पंचकूला