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Panchkula News: ऑनलाइन ट्रेनिंग कंपनी में निवेश करने का झांसा देकर व्यक्ति से 29.68 लाख रुपये ठगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने का झांसा देकर पंचकूला निवासी व्यक्ति से 29.68 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। एमडीसी स्थित स्टेट साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कंपनी और उसके भारत में कार्यरत एजेंटों ने उससे 29.68 लाख रुपये (36000 डॉलर) की धोखाधड़ी की है। व्यक्ति ने दी शिकायत में बताया कि फेसबुक पर 29 जनवरी को उन्होंने एक इंटरव्यू की पोस्ट देखी।
पोस्ट में बताया गया था कि ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में थोड़े से पैसे इनवेस्ट करने पर कंपनी ने कुछ ही समय में उन्हें काफी लाभ दिया। उन्होंने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया तो कंपनी का लिंक खुला। उस पर 200 डॉलर जमा कराने के लिए लिखा हुआ था। लिंक पर अकाउंट ओपन करने और पैसे जमा कराने का प्रोसेस लिखा हुआ था। कंपनी का खाता खुलवाने के लिए उनका ड्राइविंग लाइसेंस और एचडीएफसी बैंक अकाउंट का डेबिट कार्ड अपलोड करवाए। इसके बाद खाता पंजीकृत हुआ।
उन्होंने 29 जनवरी को 200 डॉलर जमा करा दिए। थोड़ी देर बाद उन्हें कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को मनीष अग्रवाल बताया और विश्वास दिलाया कि यह फ्राड नहीं है, बल्कि पैसे जमा कराने के बाद ट्रेडिंग होगी और उससे फायदा ही फायदा होगा। इसके बाद उन्हें कहा गया कि ज्यादा पैसे कमाने हैं तो 1053 डॉलर जमा कराएं। उन्होंने 1053 डॉलर ऑनलाइन जमा करा दिए। इस तरह आरोपी उनसे पैसे जमा करवाते रहे। आरोपी अकाउंट मैनेजर ने उन्हें बताया कि और फंड जमा कराने पडेंंगे। आरोपी ने कहा कि अगर वे 10000 डॉलर जमा कराएंगे तो कंपनी 15000 डॉलर जमा कराएगी। अन्यथा सारा पैसा डूब जाएगा और यह भी कहा कि पुराने डिपाजिट चाहिए तो 10000 डॉलर जमा कराने पड़ेंगे अन्यथा आपका सारा पैसा डूब जाएगा। शिकायतकर्ता दबाव में होने के कारण मजबूरी में पैसे जमा करवाने पड़े। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट के चार्ट पर उनका सारा पैसा जीरो दिखाई देने लगा।
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कंपनी को उन्होंने इस संदर्भ में कई मेल किए। मगर कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर कंपनी के बारे में सर्च किया तो भारत के लाखों लोगों को यह कंपनी इसी तरह फर्जी डैशबोर्ड दिखाकर पंजीकरण के समय ट्रेडिंग अकाउंट होल्डर्स के ड्राइविंग लाइसेंस के कागज, बैंक डिटेल्स, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की कॉपी लेकर दुरुपयोग करती है। शुरू में ट्रेडिंग में कम डिपाजिट में ज्यादा मुनाफा दिखाकर लोगों को ज्यादा पैसा जमा कराने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद पुराना पैसा लौटाने के लिए ज्यादा पैसा डिपाजिट करने का दबाव बनाते हैं। इसी प्रकार जबर्दस्ती वसूली करते चले जाते हैं। इसी तरह उनसे 29.68 लाख रुपये जबरन ट्रेडिंग के नाम पर ठग लिए।
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पंचकूला। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने का झांसा देकर पंचकूला निवासी व्यक्ति से 29.68 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। एमडीसी स्थित स्टेट साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कंपनी और उसके भारत में कार्यरत एजेंटों ने उससे 29.68 लाख रुपये (36000 डॉलर) की धोखाधड़ी की है। व्यक्ति ने दी शिकायत में बताया कि फेसबुक पर 29 जनवरी को उन्होंने एक इंटरव्यू की पोस्ट देखी।
पोस्ट में बताया गया था कि ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में थोड़े से पैसे इनवेस्ट करने पर कंपनी ने कुछ ही समय में उन्हें काफी लाभ दिया। उन्होंने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया तो कंपनी का लिंक खुला। उस पर 200 डॉलर जमा कराने के लिए लिखा हुआ था। लिंक पर अकाउंट ओपन करने और पैसे जमा कराने का प्रोसेस लिखा हुआ था। कंपनी का खाता खुलवाने के लिए उनका ड्राइविंग लाइसेंस और एचडीएफसी बैंक अकाउंट का डेबिट कार्ड अपलोड करवाए। इसके बाद खाता पंजीकृत हुआ।
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उन्होंने 29 जनवरी को 200 डॉलर जमा करा दिए। थोड़ी देर बाद उन्हें कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को मनीष अग्रवाल बताया और विश्वास दिलाया कि यह फ्राड नहीं है, बल्कि पैसे जमा कराने के बाद ट्रेडिंग होगी और उससे फायदा ही फायदा होगा। इसके बाद उन्हें कहा गया कि ज्यादा पैसे कमाने हैं तो 1053 डॉलर जमा कराएं। उन्होंने 1053 डॉलर ऑनलाइन जमा करा दिए। इस तरह आरोपी उनसे पैसे जमा करवाते रहे। आरोपी अकाउंट मैनेजर ने उन्हें बताया कि और फंड जमा कराने पडेंंगे। आरोपी ने कहा कि अगर वे 10000 डॉलर जमा कराएंगे तो कंपनी 15000 डॉलर जमा कराएगी। अन्यथा सारा पैसा डूब जाएगा और यह भी कहा कि पुराने डिपाजिट चाहिए तो 10000 डॉलर जमा कराने पड़ेंगे अन्यथा आपका सारा पैसा डूब जाएगा। शिकायतकर्ता दबाव में होने के कारण मजबूरी में पैसे जमा करवाने पड़े। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट के चार्ट पर उनका सारा पैसा जीरो दिखाई देने लगा।
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कंपनी को उन्होंने इस संदर्भ में कई मेल किए। मगर कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर कंपनी के बारे में सर्च किया तो भारत के लाखों लोगों को यह कंपनी इसी तरह फर्जी डैशबोर्ड दिखाकर पंजीकरण के समय ट्रेडिंग अकाउंट होल्डर्स के ड्राइविंग लाइसेंस के कागज, बैंक डिटेल्स, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की कॉपी लेकर दुरुपयोग करती है। शुरू में ट्रेडिंग में कम डिपाजिट में ज्यादा मुनाफा दिखाकर लोगों को ज्यादा पैसा जमा कराने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद पुराना पैसा लौटाने के लिए ज्यादा पैसा डिपाजिट करने का दबाव बनाते हैं। इसी प्रकार जबर्दस्ती वसूली करते चले जाते हैं। इसी तरह उनसे 29.68 लाख रुपये जबरन ट्रेडिंग के नाम पर ठग लिए।