{"_id":"62f566d02c311606045e1240","slug":"lumpi-vaccination-continues-outbreak-stopped-panchkula-news-pkl459310135","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंपी : टीकाकरण जारी, थमने लगा प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंपी : टीकाकरण जारी, थमने लगा प्रकोप
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब में पशुओं में लंपी त्वचा रोग की रोकथाम के लिए पशु पालन विभाग ने टीकाकरण मुहिम और तेज कर दी है। वीरवार तक करीब 1.16 लाख पशुओं को गोट पॉक्स वैक्सीन लगाई जा चुकी है। दूसरी ओर, पशु पालन विभाग ने दावा किया है कि पंजाब में इस रोग की रफ्तार धीमी होती दिखाई देने लगी है, हालांकि पूरी स्थिति साफ होने में कुछ दिन लग सकते हैं।
विभाग के प्रमुख सचिव विकास प्रताप ने बताया कि विभाग को सरकार द्वारा प्रमाणित वैक्सीन की लगभग 2.34 लाख डोज प्राप्त हुए हैं, जो पहले ही पंजाब के सभी जिलों को भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा विभाग ने टीकाकरण मुहिम के लिए इलाज और अन्य सामान की खरीद के लिए विभिन्न जिलों को 76 लाख रुपये जारी किए हैं। वेटरिनरी बायोलॉजिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट हैदराबाद से खरीदी गई वैक्सीन के साथ विभाग द्वारा अब तक 1,15,985 से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। फील्ड से मिली प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार बीमारी स्थिर हो गई लगती है, हालांकि अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
विभाग द्वारा टीकाकरण मुहिम और राहत कार्यों के लिए वेटरिनरी अफसरों और वेटरिनरी इंस्पेक्टरों की कुल 673 टीमें गठित की गई हैं, जो राज्य में बीमारी के इलाज और रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना कर रही हैं, जिसमें प्रभावित जानवरों को अलग रखना, पशुओं और कृषि मजदूरों की आवाजाही को नियंत्रित करना, पशु शेडों को कीटाणु मुक्त करना शामिल है, जिससे इस बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
यह है लंपी स्किन रोग के लक्षण
उन्होंने बताया कि लंपी स्किन बीमारी पशुओं और भैंसों की एक वायरल बीमारी है, जो मक्खियों और मच्छरों के साथ-साथ कृषि मजदूरों और प्रभावित पशुओं द्वारा मैकेनिकल ट्रांसमिशन के जरिये फैलती है। बीमारी की पहचान 2-3 दिनों के लिए हलके बुखार और चमड़ी पर सूजन होने से होती है। प्रभावित जानवर आम तौर पर 2-3 हफ्तों के अंदर ठीक हो जाते हैं। लंपी स्किन रोग अफ्रीका महाद्वीप से शुरू हुई थी और इस साल के शुरू में इस बीमारी ने गुजरात और राजस्थान राज्यों को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
विज्ञापन
विभाग के प्रमुख सचिव विकास प्रताप ने बताया कि विभाग को सरकार द्वारा प्रमाणित वैक्सीन की लगभग 2.34 लाख डोज प्राप्त हुए हैं, जो पहले ही पंजाब के सभी जिलों को भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा विभाग ने टीकाकरण मुहिम के लिए इलाज और अन्य सामान की खरीद के लिए विभिन्न जिलों को 76 लाख रुपये जारी किए हैं। वेटरिनरी बायोलॉजिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट हैदराबाद से खरीदी गई वैक्सीन के साथ विभाग द्वारा अब तक 1,15,985 से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। फील्ड से मिली प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार बीमारी स्थिर हो गई लगती है, हालांकि अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन
विभाग द्वारा टीकाकरण मुहिम और राहत कार्यों के लिए वेटरिनरी अफसरों और वेटरिनरी इंस्पेक्टरों की कुल 673 टीमें गठित की गई हैं, जो राज्य में बीमारी के इलाज और रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना कर रही हैं, जिसमें प्रभावित जानवरों को अलग रखना, पशुओं और कृषि मजदूरों की आवाजाही को नियंत्रित करना, पशु शेडों को कीटाणु मुक्त करना शामिल है, जिससे इस बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
यह है लंपी स्किन रोग के लक्षण
उन्होंने बताया कि लंपी स्किन बीमारी पशुओं और भैंसों की एक वायरल बीमारी है, जो मक्खियों और मच्छरों के साथ-साथ कृषि मजदूरों और प्रभावित पशुओं द्वारा मैकेनिकल ट्रांसमिशन के जरिये फैलती है। बीमारी की पहचान 2-3 दिनों के लिए हलके बुखार और चमड़ी पर सूजन होने से होती है। प्रभावित जानवर आम तौर पर 2-3 हफ्तों के अंदर ठीक हो जाते हैं। लंपी स्किन रोग अफ्रीका महाद्वीप से शुरू हुई थी और इस साल के शुरू में इस बीमारी ने गुजरात और राजस्थान राज्यों को बुरी तरह से प्रभावित किया है।