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अकेले चंडीगढ़ में लॉकडाउन से नहीं होगा कोई फायदा.. पूरे ट्राइसिटी में लगे
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चंडीगढ़। साप्ताहिक लॉकडाउन से व्यापारियों और कारोबारियों पर फिर संकट छा गया है। भविष्य की चिंता उन्हें घेरने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि वह बीते एक साल से कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनके बारे में सोचने की बजाय प्रशासन ने उनकी दुकानें बंद करवा दी हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार बंद करने की जगह अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देने की जरूरत है। व्यापारियों ने यह भी सवाल उठाया कि सिर्फ चंडीगढ़ में लॉकडाउन लगाने से क्या होगा, जब तक पूरे ट्राइसिटी में लॉकडाउन नहीं लगेगा, तब तक कोई फायदा नहीं होगा।
साप्ताहिक लॉकडाउन का फैसला ठीक नहीं
यह फैसला ठीक नहीं है। पंचकूला-मोहाली की मार्केट खुली हैं। ग्राहक वहां चला जाएगा। नुकसान सिर्फ चंडीगढ़ के कारोबारियों का होगा। बेहतर होता है कि पूरे ट्राइसिटी में एक साथ लॉकडाउन लगाया जाता। कारोबारी पहले से ही परेशान थे। इस कदम से और ज्यादा परेशानी बढ़ेगी।
-नरेश गर्ग बाबी, प्रधान कंप्यूटर मार्केट
फैसले से पहले व्यापारियों से बातचीत करनी चाहिए थी
प्रशासन का फैसला समझ में नहीं आया। बाजारों में पहले से ही सन्नाटा है। जो लोग मार्केट में आ रहे हैं, वे कोरोना के नियमों का पालन कर रहे हैं। फैसला लागू करने से पहले प्रशासन को कम से कम व्यापारियों की राय जरूर लेनी चाहिए थी। वीकेंड लॉकडाउन का फैसला व्यापारियों पर बहुत भारी पड़ने वाला है।
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-संजीव चड्डा, महासचिव, व्यापार मंडल
इंडस्ट्री को सहयोग करना चाहिए
कोरोना घातक रूप लेता जा रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन कोई भी फैसला लेने से पहले इंडस्ट्री के बारे में भी सोचना चाहिए था। पूरे विश्व में इंडस्ट्री का सहयोग किया जा रहा है। यहां भी टैक्स व बिजली की दरों में छूट मिलनी चाहिए। जब इंडस्ट्री ही नहीं रहेगी तो लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी?
-अंकित गुप्ता, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन
चंडीगढ़ प्रशासन के फैसले से व्यापारी निराश हैं। प्रशासन को कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिए थे, जिससे बिना लॉकडाउन लगाए महामारी को काबू किया जा सके। पिछले एक साल से नुकसान झेल रहे हैं। सरकार की ओर से भी कोई सहयोग नहीं किया गया। यदि यही हालात रहे तो छोटा व्यापारी तबाह हो जाएगा। प्रशासन को बाजार बंद करने की बजाय कोविड सेंटर, मरीजों के इलाज की सुविधा पर ध्यान देना चाहिए था।
-परमजीत सिंह, व्यापारी सेक्टर-23
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साप्ताहिक लॉकडाउन का फैसला ठीक नहीं
यह फैसला ठीक नहीं है। पंचकूला-मोहाली की मार्केट खुली हैं। ग्राहक वहां चला जाएगा। नुकसान सिर्फ चंडीगढ़ के कारोबारियों का होगा। बेहतर होता है कि पूरे ट्राइसिटी में एक साथ लॉकडाउन लगाया जाता। कारोबारी पहले से ही परेशान थे। इस कदम से और ज्यादा परेशानी बढ़ेगी।
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-नरेश गर्ग बाबी, प्रधान कंप्यूटर मार्केट
फैसले से पहले व्यापारियों से बातचीत करनी चाहिए थी
प्रशासन का फैसला समझ में नहीं आया। बाजारों में पहले से ही सन्नाटा है। जो लोग मार्केट में आ रहे हैं, वे कोरोना के नियमों का पालन कर रहे हैं। फैसला लागू करने से पहले प्रशासन को कम से कम व्यापारियों की राय जरूर लेनी चाहिए थी। वीकेंड लॉकडाउन का फैसला व्यापारियों पर बहुत भारी पड़ने वाला है।
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-संजीव चड्डा, महासचिव, व्यापार मंडल
इंडस्ट्री को सहयोग करना चाहिए
कोरोना घातक रूप लेता जा रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन कोई भी फैसला लेने से पहले इंडस्ट्री के बारे में भी सोचना चाहिए था। पूरे विश्व में इंडस्ट्री का सहयोग किया जा रहा है। यहां भी टैक्स व बिजली की दरों में छूट मिलनी चाहिए। जब इंडस्ट्री ही नहीं रहेगी तो लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी?
-अंकित गुप्ता, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन
चंडीगढ़ प्रशासन के फैसले से व्यापारी निराश हैं। प्रशासन को कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिए थे, जिससे बिना लॉकडाउन लगाए महामारी को काबू किया जा सके। पिछले एक साल से नुकसान झेल रहे हैं। सरकार की ओर से भी कोई सहयोग नहीं किया गया। यदि यही हालात रहे तो छोटा व्यापारी तबाह हो जाएगा। प्रशासन को बाजार बंद करने की बजाय कोविड सेंटर, मरीजों के इलाज की सुविधा पर ध्यान देना चाहिए था।
-परमजीत सिंह, व्यापारी सेक्टर-23