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Panchkula News: पंजाब में जल स्रोत को दूषित करने वालों की सूची तैयार
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स्थानीय निकाय, पंचायतें, इंडस्ट्री व निजी संस्थान शामिल; सभी डीसी को कार्रवाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन विभाग ने प्रदेश में जल स्रोत (वाटर बॉडीज) को दूषित करने वालों की सूची तैयार कर ली है, जिसमें स्थानीय निकाय, पंचायतें, इंडस्ट्री, निजी संस्थान समेत अन्य इकाइयां शामिल हैं। ऐसी एक हजार इकाइयों की सूची तैयार की गई है और सभी जिलों के डीसी को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाटर बॉडीज को दूषित करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने के भी निर्देश भी दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग ने इसे लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, ताकि वाटर बॉडीज के दूषित होने का कारणों का पता लगाया जा सके। इस रिपोर्ट में ही इसका खुलासा हुआ है। विभाग की तरफ से कार्रवाई को लेकर जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि कई नदियों व तालाबों में बिना ट्रीट किए दूषित पानी को छोड़ा जा रहा है। यह वाटर प्लयूशन एक्ट का उल्लंघन है।
यही कारण है कि जिला वाइज ऐसी सभी इकाइयों की सूची तैयार की गई है, जिसके बाद ही सभी डीसी को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही नगर निकायों, पंचायतों व अन्य संगठनों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वाटर बॉडीज में कचरा व बिना ट्रीट किया गया पानी न छोड़ा जाए।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी इस संबंधित मामला गया था। यही कारण है कि ट्रिब्यूनल इसे मॉनिटर कर रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन विभाग ने प्रदेश में जल स्रोत (वाटर बॉडीज) को दूषित करने वालों की सूची तैयार कर ली है, जिसमें स्थानीय निकाय, पंचायतें, इंडस्ट्री, निजी संस्थान समेत अन्य इकाइयां शामिल हैं। ऐसी एक हजार इकाइयों की सूची तैयार की गई है और सभी जिलों के डीसी को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाटर बॉडीज को दूषित करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने के भी निर्देश भी दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग ने इसे लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, ताकि वाटर बॉडीज के दूषित होने का कारणों का पता लगाया जा सके। इस रिपोर्ट में ही इसका खुलासा हुआ है। विभाग की तरफ से कार्रवाई को लेकर जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि कई नदियों व तालाबों में बिना ट्रीट किए दूषित पानी को छोड़ा जा रहा है। यह वाटर प्लयूशन एक्ट का उल्लंघन है।
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यही कारण है कि जिला वाइज ऐसी सभी इकाइयों की सूची तैयार की गई है, जिसके बाद ही सभी डीसी को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही नगर निकायों, पंचायतों व अन्य संगठनों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वाटर बॉडीज में कचरा व बिना ट्रीट किया गया पानी न छोड़ा जाए।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी इस संबंधित मामला गया था। यही कारण है कि ट्रिब्यूनल इसे मॉनिटर कर रहा है।