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Panchkula News: जालंधर में वकीलों का न्याय के विरोध प्रदर्शन, नो वर्किंग डे रखा
Mon, 22 Sep 2025 11:49 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर में वकीलों ने पुलिस की कथित लापरवाही और पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। जालंधर बार एसोसिएशन ने सोमवार से अदालतों में नो वर्किंग डे का एलान किया, जिससे कोर्ट का कामकाज ठप हो गया।
बार एसोसिएशन का कहना है कि उनके साथी वकील मंदीप सिंह सचदेवा से रंगदारी मांगी गई थी। जब ट्रैप लगाकर आरोपी को पैसे लेने बुलाया गया, तो वह मौके पर आ भी गया। पुलिस की सीआईए टीम ने उसे पकड़ लिया, लेकिन कुछ देर बाद यह कहकर छोड़ दिया गया कि वह निर्दोष है। बार एसोसिएशन के प्रधान आदित्य जैन ने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति रंगदारी के पैसे लेने आया, वह आखिर निर्दोष कैसे हो सकता है? उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर में जरूरी धाराएं नहीं लगाई और जांच में गंभीरता नहीं दिखाई। वकीलों ने सोशल मीडिया पर वायरल भड़काऊ वीडियो न हटाए जाने पर भी नाराजगी जताई है। बार एसोसिएशन ने सीबीआई या किसी केंद्रीय एजेंसी से मामले की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी, विवादित वीडियो हटाने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है। अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन वकीलों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।
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जालंधर। जालंधर में वकीलों ने पुलिस की कथित लापरवाही और पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। जालंधर बार एसोसिएशन ने सोमवार से अदालतों में नो वर्किंग डे का एलान किया, जिससे कोर्ट का कामकाज ठप हो गया।
बार एसोसिएशन का कहना है कि उनके साथी वकील मंदीप सिंह सचदेवा से रंगदारी मांगी गई थी। जब ट्रैप लगाकर आरोपी को पैसे लेने बुलाया गया, तो वह मौके पर आ भी गया। पुलिस की सीआईए टीम ने उसे पकड़ लिया, लेकिन कुछ देर बाद यह कहकर छोड़ दिया गया कि वह निर्दोष है। बार एसोसिएशन के प्रधान आदित्य जैन ने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति रंगदारी के पैसे लेने आया, वह आखिर निर्दोष कैसे हो सकता है? उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर में जरूरी धाराएं नहीं लगाई और जांच में गंभीरता नहीं दिखाई। वकीलों ने सोशल मीडिया पर वायरल भड़काऊ वीडियो न हटाए जाने पर भी नाराजगी जताई है। बार एसोसिएशन ने सीबीआई या किसी केंद्रीय एजेंसी से मामले की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी, विवादित वीडियो हटाने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है। अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन वकीलों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।
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