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Panchkula News: एनएसए और यूएपीए जैसे कानून निरस्त होंः शिअद
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार से एनएसए और यूएपीए जैसे कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगाया है कि आप सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर इन कानूनों का दुरुपयोग कर रही है, जिसपर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
शिअद अध्यक्ष ने कहा कि यह दुर्व्यवहार देशभक्त सिखों के खिलाफ आप के राष्ट्रीय नेता की सांप्रदायिक नफरत का प्रतीक है। यह पंजाबियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अक्षमता और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए एक प्रयास है। शिअद अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन काले कानूनों को रद्द करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
सुखबीर बादल ने पंजाब में आप सरकार की निंदा करते हुए कहा कि इन दमनकारी कानूनों का इस्तेमाल खालसा पंथ विशेष रूप से निर्दोष नौजवानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर किया गया है। यहां तक कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित सिख परिवारों के निर्दोष सदस्यों को भी दमन का शिकार बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार केवल शक के आधार पर सिख नौजवानों को उठा रही है और उन पर एनएसए जैसे दमनकारी कानून के तहत मामला दर्ज कर, उन्हें डिब्रूगढ़ जैसे दूरदराज स्थानों की जेलों में भेजा जा रहा है। आप सरकार की इस कार्रवाई ने अंग्रेजों के अधीन पंजाबियों के लिए काला पानी की कड़वी यादों को ताजा कर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेताओं सहित सतारूढ़ पार्टी के राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए इन कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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शिअद अध्यक्ष ने कहा कि यह दुर्व्यवहार देशभक्त सिखों के खिलाफ आप के राष्ट्रीय नेता की सांप्रदायिक नफरत का प्रतीक है। यह पंजाबियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अक्षमता और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए एक प्रयास है। शिअद अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन काले कानूनों को रद्द करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
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सुखबीर बादल ने पंजाब में आप सरकार की निंदा करते हुए कहा कि इन दमनकारी कानूनों का इस्तेमाल खालसा पंथ विशेष रूप से निर्दोष नौजवानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर किया गया है। यहां तक कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित सिख परिवारों के निर्दोष सदस्यों को भी दमन का शिकार बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार केवल शक के आधार पर सिख नौजवानों को उठा रही है और उन पर एनएसए जैसे दमनकारी कानून के तहत मामला दर्ज कर, उन्हें डिब्रूगढ़ जैसे दूरदराज स्थानों की जेलों में भेजा जा रहा है। आप सरकार की इस कार्रवाई ने अंग्रेजों के अधीन पंजाबियों के लिए काला पानी की कड़वी यादों को ताजा कर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेताओं सहित सतारूढ़ पार्टी के राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए इन कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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