फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Laws like NSA and UAPA should be repealed: SAD

Panchkula News: एनएसए और यूएपीए जैसे कानून निरस्त होंः शिअद

Sat, 15 Apr 2023 01:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Apr 2023 01:26 AM IST
विज्ञापन
Laws like NSA and UAPA should be repealed: SAD
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार से एनएसए और यूएपीए जैसे कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगाया है कि आप सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर इन कानूनों का दुरुपयोग कर रही है, जिसपर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
विज्ञापन

शिअद अध्यक्ष ने कहा कि यह दुर्व्यवहार देशभक्त सिखों के खिलाफ आप के राष्ट्रीय नेता की सांप्रदायिक नफरत का प्रतीक है। यह पंजाबियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अक्षमता और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए एक प्रयास है। शिअद अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन काले कानूनों को रद्द करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
विज्ञापन


सुखबीर बादल ने पंजाब में आप सरकार की निंदा करते हुए कहा कि इन दमनकारी कानूनों का इस्तेमाल खालसा पंथ विशेष रूप से निर्दोष नौजवानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर किया गया है। यहां तक कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित सिख परिवारों के निर्दोष सदस्यों को भी दमन का शिकार बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार केवल शक के आधार पर सिख नौजवानों को उठा रही है और उन पर एनएसए जैसे दमनकारी कानून के तहत मामला दर्ज कर, उन्हें डिब्रूगढ़ जैसे दूरदराज स्थानों की जेलों में भेजा जा रहा है। आप सरकार की इस कार्रवाई ने अंग्रेजों के अधीन पंजाबियों के लिए काला पानी की कड़वी यादों को ताजा कर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेताओं सहित सतारूढ़ पार्टी के राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए इन कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed