{"_id":"6714351a15ab2c00d307d2e4","slug":"last-seasons-paddy-lying-in-warehouses-high-court-seeks-answer-on-location-for-new-crop-pkl-office-news-c-16-1-pkl1041-544045-2024-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: गोदामों में पिछले सीजन का धान पड़ा, नए फसल के लिए स्थान पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: गोदामों में पिछले सीजन का धान पड़ा, नए फसल के लिए स्थान पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
विज्ञापन
चंडीगढ़। धान की पिछले वर्ष की फसल गोदामों से हटाने और 2024-2025 की धान की नई फसल के लिए जगह बनाने का निर्देश जारी करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। एडवोकेट सनप्रीत सिंह ने याचिका में बताया कि पंजाब सरकार ने अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं की है। अगर फसल की खरीद समय पर नहीं की जाती है तो किसानों को समय पर उनकी फसल का भुगतान नहीं मिलेगा। ऐसा हुआ तो फसल के लिए औपचारिक और अनौपचारिक स्रोतों से लिए गए ऋण की अदायगी में देरी होगी। ऐसा होने पर उन्हें नई फसल के लिए नकद ऋण मिलने में और देरी होगी। इस देरी से किसानों पर अतिरिक्त ब्याज दर का बोझ पड़ेगा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
याचिका में यह भी कहा गया कि अगर पंजाब में धान की खरीद में देरी होती है तो अगली फसल यानी गेहूं की बुवाई में भी देरी होगी। बीज बोने की तारीख 1 नवंबर तय की गई है और इसलिए किसानों के पास अगली बुवाई के लिए अपने खेत तैयार करने के लिए बहुत कम समय है। ऐसा हुआ तो किसानों के पास पराली जलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा, जिसका पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।
याची ने कहा कि एफसीआई के गोदामों में भंडारण स्थान की कमी और मंडियों में नए धान की आवक ने राज्य में संकट को बढ़ा दिया है। किसानों ने 13 अक्तूबर से अपने धान की खरीद न होने के विरोध में पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों द्वारा धान की कटाई की जा रही है और उसे सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद के लिए मंडियों में ले जाया जा रहा है, लेकिन सरकारी एजेंसियां किसानों से उपज नहीं खरीद रही हैं। सुनवाई के दौरान राज्य के वकील ने कहा कि सरकार खरीद की प्रक्रिया में है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका में यह भी कहा गया कि अगर पंजाब में धान की खरीद में देरी होती है तो अगली फसल यानी गेहूं की बुवाई में भी देरी होगी। बीज बोने की तारीख 1 नवंबर तय की गई है और इसलिए किसानों के पास अगली बुवाई के लिए अपने खेत तैयार करने के लिए बहुत कम समय है। ऐसा हुआ तो किसानों के पास पराली जलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा, जिसका पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।
विज्ञापन
याची ने कहा कि एफसीआई के गोदामों में भंडारण स्थान की कमी और मंडियों में नए धान की आवक ने राज्य में संकट को बढ़ा दिया है। किसानों ने 13 अक्तूबर से अपने धान की खरीद न होने के विरोध में पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों द्वारा धान की कटाई की जा रही है और उसे सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद के लिए मंडियों में ले जाया जा रहा है, लेकिन सरकारी एजेंसियां किसानों से उपज नहीं खरीद रही हैं। सुनवाई के दौरान राज्य के वकील ने कहा कि सरकार खरीद की प्रक्रिया में है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन