{"_id":"6114308b8ebc3efcd32cda65","slug":"land-bank-policy-notified-in-haryana-panchkula-news-pkl4231952103","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों को मजबूरन नहीं बेचनी पड़ेगी अपनी जमीन, भूमि बैंक नीति अधिसूचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों को मजबूरन नहीं बेचनी पड़ेगी अपनी जमीन, भूमि बैंक नीति अधिसूचित
Thu, 12 Aug 2021 11:35 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला
अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:35 AM IST
सार
- किसान के स्वेच्छा जताने पर ही उससे भूमि बिक्री को लेकर बातचीत की जाएगी
विज्ञापन
किसान
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
सरकार ने बुधवार को अपनी भूमि बैंक नीति अधिसूचित कर दी। इसके तहत हरियाणा में अब किसानों, अन्य लोगों को अब मजबूरन अपनी भूमि किसी को नहीं बेचनी पड़ेगी। सरकार को भी अगर भूमि लेनी है तो किसान को मोल भाव का पूरा मौका मिलेगा। किसान के स्वेच्छा जताने पर ही उससे भूमि बिक्री को लेकर बातचीत की जाएगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बनेगा। विभिन्न विभागों के पास बकाया पड़ी सभी जमीनें अब सरकार के नाम होंगी और उन्हें भूमि बैंक में जमा किया जाएगा। भूमि बैंक विभागों, भूमि मालिकों, किसानों और सरकार के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
कौशल ने कहा कि भू-मालिक या किसान अपनी भूमि की बिक्री की पेशकश निदेशक, भू अभिलेख के ऑनलाइन पोर्टल पर करेंगे। इसमें मोलभाव करने लायक मूल्य सहित भूमि का पूरा विवरण देना होगा। वेब-हैलरिस पोर्टल से स्वामित्व, खसरा संख्या सहित संपत्ति का शीर्षक ऑनलाइन सत्यापित किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सचिव शहरी स्थानीय निकाय की अध्यक्षता में बनी समिति निदेशक, भू अभिलेख कार्यालय द्वारा तैयार रिपोर्ट की जांच करेगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि बेची जा रही भूमि पर कोई अदालती मामला लंबित नहीं है। वित्तायुक्त राजस्व की अध्यक्षता वाली समिति लैंड बैंक बनाने के लिए किसानों के भूमि प्रस्तावों को सैद्धांतिक रूप से अंतिम रूप देगी और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त लैंड बैंक कमेटी को सिफारिश करेगी।
विज्ञापन
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बनेगा। विभिन्न विभागों के पास बकाया पड़ी सभी जमीनें अब सरकार के नाम होंगी और उन्हें भूमि बैंक में जमा किया जाएगा। भूमि बैंक विभागों, भूमि मालिकों, किसानों और सरकार के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
विज्ञापन
कौशल ने कहा कि भू-मालिक या किसान अपनी भूमि की बिक्री की पेशकश निदेशक, भू अभिलेख के ऑनलाइन पोर्टल पर करेंगे। इसमें मोलभाव करने लायक मूल्य सहित भूमि का पूरा विवरण देना होगा। वेब-हैलरिस पोर्टल से स्वामित्व, खसरा संख्या सहित संपत्ति का शीर्षक ऑनलाइन सत्यापित किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सचिव शहरी स्थानीय निकाय की अध्यक्षता में बनी समिति निदेशक, भू अभिलेख कार्यालय द्वारा तैयार रिपोर्ट की जांच करेगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि बेची जा रही भूमि पर कोई अदालती मामला लंबित नहीं है। वित्तायुक्त राजस्व की अध्यक्षता वाली समिति लैंड बैंक बनाने के लिए किसानों के भूमि प्रस्तावों को सैद्धांतिक रूप से अंतिम रूप देगी और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त लैंड बैंक कमेटी को सिफारिश करेगी।