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खेड़ावाली : लावारिस पशुओं ने मिले निजात, पीएचसी की है दरकार
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कालका। गांव खेड़ावाली में विकास तो हुए हैं लेकिन बावजूद इसके अभी भी ग्रामीण अनेक सुविधाओं से वंचित हैं। इस गांव की कुल जनसंख्या तीन हजार के लगभग है। वहीं यहां पर छह सौ के करीब मकान और तकरीबन 1700 वोट हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव का सरकारी स्कूल जोकि बहुत पुराना है वह अपग्रेड होना चाहिए।
स्कूल अपग्रेड न होने के चलते उच्च शिक्षा के लिए ग्रामीणों को मजबूरन अपने बच्चों को दूूूर दराज अथवा निजी स्कूलों में भेजना पड़ता है। गांव में लावारिस पशुओं की तादाद भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है, जोकि लोगों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में पीएचसी की सुविधा भी होनी चाहिए, क्योंकि लोगों को इलाज करवाने के लिए छह किलोमीटर दूर कालका सीएचसी में आना पड़ता है। नानकपुर और पिंजौर पीएचसी का रुख करना पड़ता है जिसके लिए उनको लंबा सफर तय करना पड़ता है।
अपने कार्यकाल में गांव में अनेक विकास कार्य करवाए। पंचायत घर के निर्माण सहित क्षेत्र में बन रहे नर्सिंग कालेज को लेकर पूर्व विधायक के साथ आवाज बुलंद की थी। गांव में दो ट्यूबवेल, गलियों, नालों को पक्का करवाने सहित ग्राम सचिवालय और व्यायामशाला बनवाई। अब अगर उन्हें मौका मिला तो उनकी प्राथमिकता गांव में कन्या महाविद्यालय और मेडिकल कालेज की रहेगी। -सुनील चौधरी, पूर्व सरपंच
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गांव की सड़क का बुरा हाल है। जगह-जगह गड्ढे बने हैं। खुदाबक्श से खेड़ावाली और करणपुर से खेड़ावाली वाली रोड की हालत खराब है। यहां की सड़कों की कोई सुध नहीं ले रहा है। इसके चलते ग्रामीणों के साथ-साथ इस सड़क से गुजरने वाले राहगीर और वाहन चालक भी परेशान हो रहे हैं। -राजेन्द्र सिंह, पूर्व सरपंच
खेड़ावाली का सरकारी स्कूल अपग्रेड होना चाहिए। यदि स्कूल अपग्रेड हो जाता है तो खेड़ावाली से पढ़ाई के लिए बेटियों को बाढ़गोदाम, पपलोहा, करणपुर और कालका तक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। -सुमन लता, स्थानीय निवासी
कालका से खेड़ा वाली होकर हरिपुर के लिए जो बस सुविधा थी, उसको दोबारा शुरू किया जाए। बस की सुविधा बंद होने से लोगों को हरिपुर जाने के लिए अब आटो और प्राइवेट बसो में मनमाना किराया देना पड़ता है। यह बस सेवा 15 साल के लगभग बंद कर दी गई थी। कालका से एक रूट चंडीगढ़ के लिए भी था, जो कालका से बाढ़गोदाम नग्गल रूट पिपलघाटी करणपुर खेड़ा वाली से होती हुई चंडीगढ़ के लिए जाती थी। इस सेवा के बंद हो जाने से भी यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। - अनिल धीमान
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स्कूल अपग्रेड न होने के चलते उच्च शिक्षा के लिए ग्रामीणों को मजबूरन अपने बच्चों को दूूूर दराज अथवा निजी स्कूलों में भेजना पड़ता है। गांव में लावारिस पशुओं की तादाद भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है, जोकि लोगों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में पीएचसी की सुविधा भी होनी चाहिए, क्योंकि लोगों को इलाज करवाने के लिए छह किलोमीटर दूर कालका सीएचसी में आना पड़ता है। नानकपुर और पिंजौर पीएचसी का रुख करना पड़ता है जिसके लिए उनको लंबा सफर तय करना पड़ता है।
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अपने कार्यकाल में गांव में अनेक विकास कार्य करवाए। पंचायत घर के निर्माण सहित क्षेत्र में बन रहे नर्सिंग कालेज को लेकर पूर्व विधायक के साथ आवाज बुलंद की थी। गांव में दो ट्यूबवेल, गलियों, नालों को पक्का करवाने सहित ग्राम सचिवालय और व्यायामशाला बनवाई। अब अगर उन्हें मौका मिला तो उनकी प्राथमिकता गांव में कन्या महाविद्यालय और मेडिकल कालेज की रहेगी। -सुनील चौधरी, पूर्व सरपंच
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गांव की सड़क का बुरा हाल है। जगह-जगह गड्ढे बने हैं। खुदाबक्श से खेड़ावाली और करणपुर से खेड़ावाली वाली रोड की हालत खराब है। यहां की सड़कों की कोई सुध नहीं ले रहा है। इसके चलते ग्रामीणों के साथ-साथ इस सड़क से गुजरने वाले राहगीर और वाहन चालक भी परेशान हो रहे हैं। -राजेन्द्र सिंह, पूर्व सरपंच
खेड़ावाली का सरकारी स्कूल अपग्रेड होना चाहिए। यदि स्कूल अपग्रेड हो जाता है तो खेड़ावाली से पढ़ाई के लिए बेटियों को बाढ़गोदाम, पपलोहा, करणपुर और कालका तक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। -सुमन लता, स्थानीय निवासी
कालका से खेड़ा वाली होकर हरिपुर के लिए जो बस सुविधा थी, उसको दोबारा शुरू किया जाए। बस की सुविधा बंद होने से लोगों को हरिपुर जाने के लिए अब आटो और प्राइवेट बसो में मनमाना किराया देना पड़ता है। यह बस सेवा 15 साल के लगभग बंद कर दी गई थी। कालका से एक रूट चंडीगढ़ के लिए भी था, जो कालका से बाढ़गोदाम नग्गल रूट पिपलघाटी करणपुर खेड़ा वाली से होती हुई चंडीगढ़ के लिए जाती थी। इस सेवा के बंद हो जाने से भी यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। - अनिल धीमान