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गहने चोरी.. सात महीने बाद हुआ केस दर्ज, अधिकार क्षेत्र के नाम पर केस दर्ज करने से बचती रही पुलिस
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पिंजौर। हरियाणा रोडवेज की बस से गहने चोरी होने के मामले में सीमा विवाद के चलते करीब 7 महीने बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है।
राघवेंद्र सिंह निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली ने बताया कि वह बतौर शिक्षक नई दिल्ली नगर परिषद के स्कूल में कार्यरत हैं। उसका पैतृक स्थान प्रीतम कॉलोनी मढ़ावाला है। नवंबर महीने में वह अपने घर प्रीतम कॉलोनी मढ़ावाला से दिल्ली वापस जा रहा था और उसकी ट्रेन की रिजर्वेशन चंडीगढ़ से थी।
परंतु किसान आंदोलन के कारण चंडीगढ़ से ट्रेन रद्द होने के चलते उसने अंबाला से ट्रेन पकड़ने के लिए बस का सहारा लिया। उसके बैग के भीतर पर्स में करीब 7 लाख के गहने रखे थे। उसने बैग बस के बोनट के समीप रख दिया। इसके बाद करीब 10 बजे अंबाला बस स्टैंड उतरकर अंबाला रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ कर अपने घर पहुंच गए। घर पहुंचकर पता चला कि गहने चोरी हो गए हैं।
झेलनी पड़ी मानसिक पीड़ा
शिकायतकर्ता ने आला पुलिस अधिकारियों को उसके साथ हुई वारदात की शिकायत में बताया कि घटना के बाद वह अंबाला और पिंजौर पुलिस स्टेशन गया परंतु अधिकार क्षेत्र के नाम पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से बचती रही। एक तो उसे करीब 7 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर मानसिक, शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ता ने आला अधिकारियों से मांग की कि उक्त मामले में उसके कीमती सामान की बरामदगी करवाई जाए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
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राघवेंद्र सिंह निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली ने बताया कि वह बतौर शिक्षक नई दिल्ली नगर परिषद के स्कूल में कार्यरत हैं। उसका पैतृक स्थान प्रीतम कॉलोनी मढ़ावाला है। नवंबर महीने में वह अपने घर प्रीतम कॉलोनी मढ़ावाला से दिल्ली वापस जा रहा था और उसकी ट्रेन की रिजर्वेशन चंडीगढ़ से थी।
परंतु किसान आंदोलन के कारण चंडीगढ़ से ट्रेन रद्द होने के चलते उसने अंबाला से ट्रेन पकड़ने के लिए बस का सहारा लिया। उसके बैग के भीतर पर्स में करीब 7 लाख के गहने रखे थे। उसने बैग बस के बोनट के समीप रख दिया। इसके बाद करीब 10 बजे अंबाला बस स्टैंड उतरकर अंबाला रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ कर अपने घर पहुंच गए। घर पहुंचकर पता चला कि गहने चोरी हो गए हैं।
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झेलनी पड़ी मानसिक पीड़ा
शिकायतकर्ता ने आला पुलिस अधिकारियों को उसके साथ हुई वारदात की शिकायत में बताया कि घटना के बाद वह अंबाला और पिंजौर पुलिस स्टेशन गया परंतु अधिकार क्षेत्र के नाम पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से बचती रही। एक तो उसे करीब 7 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर मानसिक, शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ता ने आला अधिकारियों से मांग की कि उक्त मामले में उसके कीमती सामान की बरामदगी करवाई जाए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
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