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मानसा में हुए लाठीचार्ज की जांच के आदेश
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मानसा में मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार ईटीटी शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज मामले की जांच के पंजाब सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी संगरूर के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीसी) अनमोल सिंह धालीवाल को सौंपी गई है। सरकार ने जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में दाखिल करने के आदेश संगरूर के डीसी को दिए हैं।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी मानसा में विवादित सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की रैली में गए थे।
वहां जैसे ही सीएम चन्नी ने भाषण देना शुरू किया तो टीचरों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने टीचरों को पंडाल से बाहर निकाल दिया। अपनी मांगों को लेकर बेरोजगार्र ईटीटी शिक्षक पंडाल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी ने बेरहमी से शिक्षकों को पीटना शुरू कर दिया। डीएसपी ने पहले सड़क पर टीचरों को पीटा, जिसके बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ।
जब टीचरों को अरेस्ट कर बस में बिठा लिया गया तो वह खिड़की से डंडा घुसाकर टीचरों को पीटता रहा। डीएसपी की इस कारगुजारी का वीडियो सामने आने के बाद विरोधी दलों से लेकर किसान संगठनों ने चन्नी सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को लेकर मानसा में मुख्यमंत्री चन्नी ने चेतावनी दी थी कि इस तरह कोई मांग हल नहीं होगी। इससे पहले वह टंकी-टावर पर चढ़ने वालों पर केस दर्ज करने की धमकी दे चुके हैं।
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वायरल वीडियो और विपक्ष के हमलों के बाद पंजाब सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के गृह विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 10 दिसंबर को मानसा में होने वाले लाठीचार्ज की जांच के लिए संगरूर के जिला मजिस्ट्रेट अनमोल सिंह धालीवाल को नियुक्त किया गया है। वह जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में सरकार को सौंपेंगे।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी मानसा में विवादित सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की रैली में गए थे।
वहां जैसे ही सीएम चन्नी ने भाषण देना शुरू किया तो टीचरों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने टीचरों को पंडाल से बाहर निकाल दिया। अपनी मांगों को लेकर बेरोजगार्र ईटीटी शिक्षक पंडाल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी ने बेरहमी से शिक्षकों को पीटना शुरू कर दिया। डीएसपी ने पहले सड़क पर टीचरों को पीटा, जिसके बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ।
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जब टीचरों को अरेस्ट कर बस में बिठा लिया गया तो वह खिड़की से डंडा घुसाकर टीचरों को पीटता रहा। डीएसपी की इस कारगुजारी का वीडियो सामने आने के बाद विरोधी दलों से लेकर किसान संगठनों ने चन्नी सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को लेकर मानसा में मुख्यमंत्री चन्नी ने चेतावनी दी थी कि इस तरह कोई मांग हल नहीं होगी। इससे पहले वह टंकी-टावर पर चढ़ने वालों पर केस दर्ज करने की धमकी दे चुके हैं।
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वायरल वीडियो और विपक्ष के हमलों के बाद पंजाब सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के गृह विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 10 दिसंबर को मानसा में होने वाले लाठीचार्ज की जांच के लिए संगरूर के जिला मजिस्ट्रेट अनमोल सिंह धालीवाल को नियुक्त किया गया है। वह जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में सरकार को सौंपेंगे।