{"_id":"603955ea8ebc3e769a3d9ea0","slug":"investigation-of-eight-cases-of-summer-estate-fraud-begins-accused-are-sent-to-jail-pkl-office-news-pkl405358965","type":"story","status":"publish","title_hn":"समर एस्टेट धोखाधड़ी के आठ मामलों की जांच शुरू, आरोपियों को जेल भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समर एस्टेट धोखाधड़ी के आठ मामलों की जांच शुरू, आरोपियों को जेल भेजा
विज्ञापन
पंचकूला। समर एस्टेट धोखाधड़ी मामले में पंचकूला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने आठ मामलों की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों वीरेंद्र, सुनीता पत्नी विनोद बगई को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया था। उनको अदालत ने वीरवार को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया, अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया है।
इस मामले में सेक्टर-14 थाना प्रभारी ने बताया कि पंचकूला में समर एस्टेट मामले में दर्ज आठ मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। लोगों से करोड़ों रुपये लेने के बावजूद फ्लैट पर कब्जा नहीं देने पर एसवी अपार्टमेंट्स के एमडी विनोद बगई की पत्नी सुनीता बगई और बड़े भाई वीरेंद्र बगई को सेक्टर-14 पुलिस ने 19 फरवरी को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि विनोद बगई, उनकी पत्नी, भाई और बेटे समर पर पंचकूला के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के 18 केस दर्ज हैं। इसमें 10 करोड़ से ज्यादा पैसा लोगों का वापस नहीं किया है। इन मामलों की जांच एसआईटी को दी गई थी। एसआईटी ने पहले सभी पीड़ित अलॉटीज के बयान दर्ज किए। एफआईआर दर्ज करवाने वालों से सभी सबूत लिए गए। उसके बाद सभी आरोपियों के अकाउंट से जुड़ी सारी डिटेल ली गई। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर पुलिस कमिश्नर को दी गई थी।
विज्ञापन
बगई को उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिदायत दी है कि वह शहर छोड़कर नहीं जा सकते हैं। पवन रावल ने बताया कि पंचकूला पुलिस ने फोन पर उनकी शिकायत और उनसे जुड़े कागजातों की जानकारी ली थी। इस मामले में इकोनॉमिक विंग ने छह माह में विनोद बगई सहित उनकी पत्नी, भाई और बेटे सहित 18 लोगों पर केस दर्ज किए हैं।
2007 में समर एस्टेट ने सेक्टर-20 में 14.568 एकड़ में एसवी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें तीन फेजों में कुल 24 टॉवर में 925 फ्लैट बनाए जाने थे। इसमें से 464 फ्लैट बनाकर अलॉटियों को बेचे गए। फ्लैट के एवज में अलॉटीज से करोड़ों रुपये वसूले गए, लेकिन आज तक उनको फ्लैटों पर कब्जा नहीं मिला। इसके खिलाफ हरेरा कोर्ट में अलॉटियों ने शिकायत दी। इस पर लगातार कोर्ट की तरफ से सुनवाई की जा रही है।
विज्ञापन
इस मामले में सेक्टर-14 थाना प्रभारी ने बताया कि पंचकूला में समर एस्टेट मामले में दर्ज आठ मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। लोगों से करोड़ों रुपये लेने के बावजूद फ्लैट पर कब्जा नहीं देने पर एसवी अपार्टमेंट्स के एमडी विनोद बगई की पत्नी सुनीता बगई और बड़े भाई वीरेंद्र बगई को सेक्टर-14 पुलिस ने 19 फरवरी को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
गौरतलब है कि विनोद बगई, उनकी पत्नी, भाई और बेटे समर पर पंचकूला के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के 18 केस दर्ज हैं। इसमें 10 करोड़ से ज्यादा पैसा लोगों का वापस नहीं किया है। इन मामलों की जांच एसआईटी को दी गई थी। एसआईटी ने पहले सभी पीड़ित अलॉटीज के बयान दर्ज किए। एफआईआर दर्ज करवाने वालों से सभी सबूत लिए गए। उसके बाद सभी आरोपियों के अकाउंट से जुड़ी सारी डिटेल ली गई। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर पुलिस कमिश्नर को दी गई थी।
विज्ञापन
बगई को उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिदायत दी है कि वह शहर छोड़कर नहीं जा सकते हैं। पवन रावल ने बताया कि पंचकूला पुलिस ने फोन पर उनकी शिकायत और उनसे जुड़े कागजातों की जानकारी ली थी। इस मामले में इकोनॉमिक विंग ने छह माह में विनोद बगई सहित उनकी पत्नी, भाई और बेटे सहित 18 लोगों पर केस दर्ज किए हैं।
2007 में समर एस्टेट ने सेक्टर-20 में 14.568 एकड़ में एसवी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें तीन फेजों में कुल 24 टॉवर में 925 फ्लैट बनाए जाने थे। इसमें से 464 फ्लैट बनाकर अलॉटियों को बेचे गए। फ्लैट के एवज में अलॉटीज से करोड़ों रुपये वसूले गए, लेकिन आज तक उनको फ्लैटों पर कब्जा नहीं मिला। इसके खिलाफ हरेरा कोर्ट में अलॉटियों ने शिकायत दी। इस पर लगातार कोर्ट की तरफ से सुनवाई की जा रही है।