{"_id":"602ecec78ebc3ee8ed397eed","slug":"investigation-of-alcohol-and-registry-scams-should-be-given-to-cbi-abhay-panchkula-news-pkl4044601135","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब और रजिस्ट्री घोटालों की जांच सीबीआई को दी जाए: अभय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब और रजिस्ट्री घोटालों की जांच सीबीआई को दी जाए: अभय
विज्ञापन
चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने शराब और रजिस्ट्री घोटालों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने पूर्व विधायक जसविंदर संधू के पुत्र गगनदीप संधू की घर वापसी करवाते हुए इनेलो में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि जितना सम्मान उन्हें पहले मिला था उससे भी ज्यादा सम्मान देंगे। साथ ही आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया प्रभारी रेनू राणा समेत विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ताओं को भी पार्टी में शामिल किया।
इसम मौके पर इनेलो नेता ने भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान नौ बड़े घोटाले किए गए जिसमें सिर्फ दो घोटालों की जांच की गई। एक रजिस्ट्री घोटाला और दूसरा शराब घोटाला। उन्होंने कहा कि उनकी मांग शुरू से ही इन घोटालों की जांच सीबीआई से करने की रही है लेकिन सरकार ने लीपापोती करते हुए इनकी जांच सीबीआई को नहीं दी।
रजिस्ट्री घोटाले पर अभय ने कहा कि जांच में तीन सौ से ज्यादा लोग दोषी पाए गए हैं। इस घोटाले में विभाग का मंत्री भी शामिल है। तहसीलदारों की नियुक्ति दलालों द्वारा पैसे लेकर की गई। शराब घोटाले में भी सरकार ने लीपापोती करते हुए एसआईटी के बजाय एसईटी द्वारा जांच कराई गई, जिसके पास कोई अधिकार नहीं था। इससे साफ साबित होता है कि मुख्यमंत्री आबकारी मंत्री को बचाना चाहते थे। जहां एसईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करनी चाहिए थी उसकी बजाय जांच विजिलेंस को सौंप दी गई।
विज्ञापन
अभय ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा के चुनाव में सुभाष चंद्रा को जिताने के लिए अपना बैलेट पेपर खाली छोड़ दिया था। उनके विधायकों के पेन की स्याही बदलवाकर वोट कैंसिल करवाए थे। इसके एवज में भाजपा ने अहसान चुकाते हुए राज्यसभा चुनाव में दीपेंद्र के खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया और दीपेंद्र को चुनाव जितवाया। इससे साफ जाहिर होता है कि हुड्डा भाजपा के एजेंट हैं।
विज्ञापन
इसम मौके पर इनेलो नेता ने भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान नौ बड़े घोटाले किए गए जिसमें सिर्फ दो घोटालों की जांच की गई। एक रजिस्ट्री घोटाला और दूसरा शराब घोटाला। उन्होंने कहा कि उनकी मांग शुरू से ही इन घोटालों की जांच सीबीआई से करने की रही है लेकिन सरकार ने लीपापोती करते हुए इनकी जांच सीबीआई को नहीं दी।
विज्ञापन
रजिस्ट्री घोटाले पर अभय ने कहा कि जांच में तीन सौ से ज्यादा लोग दोषी पाए गए हैं। इस घोटाले में विभाग का मंत्री भी शामिल है। तहसीलदारों की नियुक्ति दलालों द्वारा पैसे लेकर की गई। शराब घोटाले में भी सरकार ने लीपापोती करते हुए एसआईटी के बजाय एसईटी द्वारा जांच कराई गई, जिसके पास कोई अधिकार नहीं था। इससे साफ साबित होता है कि मुख्यमंत्री आबकारी मंत्री को बचाना चाहते थे। जहां एसईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करनी चाहिए थी उसकी बजाय जांच विजिलेंस को सौंप दी गई।
विज्ञापन
अभय ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा के चुनाव में सुभाष चंद्रा को जिताने के लिए अपना बैलेट पेपर खाली छोड़ दिया था। उनके विधायकों के पेन की स्याही बदलवाकर वोट कैंसिल करवाए थे। इसके एवज में भाजपा ने अहसान चुकाते हुए राज्यसभा चुनाव में दीपेंद्र के खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया और दीपेंद्र को चुनाव जितवाया। इससे साफ जाहिर होता है कि हुड्डा भाजपा के एजेंट हैं।