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Panchkula News: भ्रष्टाचार मामले में पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत के खिलाफ जांच पूरी, चालान पेश करने की मांगी अनुमति
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चंडीगढ़। पंजाब में नशे के हजारों करोड़ रुपये के कारोबार मामले में पंजाब पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए भ्रष्टाचार मामले में जांच पूरी होने का हवाला देते हुए पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के खिलाफ चालान पेश करने की अनुमति मांगी है। हाईकोर्ट ने इस अर्जी पर मुख्य याचिका के साथ सुनवाई का निर्णय लिया है।
भ्रष्टाचार मामले में इंद्रजीत सिंह के खिलाफ 2015 में एफआईआर दर्ज की गई थी। नशे के कारोबार मामले में लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान इंद्रजीत सिंह की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। उस दौरान हाईकोर्ट ने विजिलेंस को आदेश दिया था कि वह इस मामले में इंद्रजीत सिंह को लेकर जांच को जारी रख सकते हैं लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना इसमें चालान पेश न किया जाए। इंद्रजीत सिंह को पंजाब पुलिस बर्खास्त कर चुकी है और नशे से जुड़ी सीलबंद रिपोर्ट में इंद्रजीत सिंह की भूमिका से जुड़े आरोपों का ब्योरा भी मौजूद है।
आरोप के अनुसार उसने नशे के कारोबारियों को अपने पद का इस्तेमाल करते हुए फायदा दिया था। अब एफआईआर के आठ वर्ष बीत जाने के बाद जांच पूरी होने का हवाला देते हुए इस मामले में ट्रायल कोर्ट में चालान पेश करने की अनुमति मांगी गई है। कोर्ट ने इस अर्जी पर मुख्य याचिका के साथ ही सुनवाई का निर्णय लिया है।
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भ्रष्टाचार मामले में इंद्रजीत सिंह के खिलाफ 2015 में एफआईआर दर्ज की गई थी। नशे के कारोबार मामले में लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान इंद्रजीत सिंह की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। उस दौरान हाईकोर्ट ने विजिलेंस को आदेश दिया था कि वह इस मामले में इंद्रजीत सिंह को लेकर जांच को जारी रख सकते हैं लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना इसमें चालान पेश न किया जाए। इंद्रजीत सिंह को पंजाब पुलिस बर्खास्त कर चुकी है और नशे से जुड़ी सीलबंद रिपोर्ट में इंद्रजीत सिंह की भूमिका से जुड़े आरोपों का ब्योरा भी मौजूद है।
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आरोप के अनुसार उसने नशे के कारोबारियों को अपने पद का इस्तेमाल करते हुए फायदा दिया था। अब एफआईआर के आठ वर्ष बीत जाने के बाद जांच पूरी होने का हवाला देते हुए इस मामले में ट्रायल कोर्ट में चालान पेश करने की अनुमति मांगी गई है। कोर्ट ने इस अर्जी पर मुख्य याचिका के साथ ही सुनवाई का निर्णय लिया है।
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