फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Intoxication dissolving in the veins, youth getting ruined

नसों में घुल रहा नशा, युवा हो रहे बर्बाद

Sat, 08 Oct 2022 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2022 01:48 AM IST
विज्ञापन
Intoxication dissolving in the veins, youth getting ruined
पंचकूला। सूखे नशे ने लोगों का सुख चैन तो छीन ही लिया है, अब लोगों के वंश और नस्लों पर भी बन आई है। शराब के बाद सूखा नशा युवाओं की नसों में इस कदर दौड़ने लगा है कि परिवार के परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। चिट्टा, गांजा, चरस, हेरोइन और स्मैक को हाई सोसाइटी प्रोफाइल का हिस्सा मानने वाले परिवारों के बच्चे जवानी में ही अपना सब कुछ गंवा रहे हैं। इस नशे के लिए युवा मौलीजागरा, पंचकूला, चंडीगढ़ की खाक छानने के बाद दिल्ली तक पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

नशा मुक्ति केंद्र इस तरह की कहानियों से भरा हुआ है। पंचकूला के राजीव-इंदिरा कॉलोनी, पिजौंर और कालका इसका गढ़ बन गए हैं। पुलिस को इसकी जानकारी है, इसके बाद भी औपचारिक कार्रवाई कर अपनी इतिश्री कर रही है। हालात इस कदर भयावह हो गए हैं कि नशे के लिए पंचकूला में लूटपाट आम हो गई है। संभ्रांत परिवार के लोग अपने बच्चों की लत देखकर चुप हैं।
विज्ञापन

परिवार के मुखिया को लत लगने पर महिलाएं भी इसकी जद में आ गई हैं। सर्वाधिक मामला चिट्टा नशे का सामने आ रहा है। दिल्ली में एक ग्राम का रेट दो हजार रुपये है। पंचकूला में इसको चाक के चूर्ण में मिलावट कर कई गुणा दामों में बेचा जाता है। इस नशे की गिरफ्त में आकर आईआईटी युवा वेटर की नौकरी करने को मजबूर हैं। किसी को परिवार ने घर से बेदखल कर दिया है। क्लास-वन अधिकारी अपने लड़के को लेकर नशा मुक्ति केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

नशा मुक्ति केंद्र के आंकड़े
एक माह में आने वाले लोग
शराब - 500/600
चिट्टा - 400
गांजा -200 के अलावा अन्य नशे के आदी भी यहां पहुंच रहे हैं।
केस नंबर एक
सेक्टर-15 निवासी वन क्लास अधिकारी का बेटा चिट्टा नशे का शिकार हो गया। उस पर नशा इस कदर हावी हो गया कि फोन कर घर पर चिट्टा मंगवाने लगा। पहले पिता अपने बेटे के नशे की लत से अनजान थे। जब पता चला तो परिवार बदनामी के चलते चुपचाप अपने बेटे की बर्बादी का तमाशा देखता रहा। नशे के चलते बेटा बीमार रहने लगा तो तंग आकर परिवार वाले उसे नशा मुक्ति केंद्र नशा छुड़वाने के लिए लेकर लेकर गए। वर्तमान में उसका उपचार चल रहा है।
केस नंबर दो
पंचकूला बुढ़नपुर का एक 27 वर्षीय व्यक्ति चार साल से चिट्टा का नशा करता था। उसकी रोजाना पत्नी से लड़ाई होती थी। धीरे-धीरे उसने अपनी पत्नी को भी नशे का आदि बना दिया। दोनों ने नशे के लिए अपनी पूरी ज्वेलरी और घर का सामान तक बेच दिया। दोनों एक ही इंजेक्शन से नशा करते थे, जिसके चलते उन्हें काला पीलिया हो गया। दोनों से तंग आकर उनके माता-पिता ने उनको घर से बेदखल कर दिया। आज वह किराए के मकान में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
केस नंबर तीन
रायपुररानी का एक 26 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर चिट्टा नशे का आदि हो गया। वह इसके लिए इतना पागल हो गया कि वह दिल्ली तक इसे लेने के लिए जाता था। उसने प्रॉपर्टी से कई सालों में 15 से 20 लाख रुपये कमाए थे। चिट्टे की लत में धीरे-धीरे सारे पैसे गंवा दिए। यहां तक उसने अपनी प्रॉपर्टी भी बेचनी शुरू कर दी। इस नशे की वजह से उसका सब कुछ बर्बाद हो गया।
केस नंबर चार
आईआईटी करने के बाद बलटाना का एक युवा त्रिवेंद्रम पीएचडी करने गया। वहां उसे सुल्फा और गांजे की लत लग गई। वह इस नशे का इतना आदि हो गया कि वह सिजोफ्रेनिया जैसी मासिक बीमारी का शिकार गया। बीमारी के बाद उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। उसे अच्छी नौकरी नहीं मिली। वह आज गोवा के एक होटल में वेटर की नौकरी कर रहा है। बेटे की पढ़ाई पर लाखों खर्च करने के बाद आज परिजन उसको लेकर परेशान हैं।

नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना 150 से 200 की ओपीडी है। शराब के बाद सबसे ज्यादा मामले चिट्टा के आ रहे हैं। एक माह में शराब के करीब 500, चिट्टा के 400, गांजा के 200 लोग उपचार के लिए आए हैं। उनका उपचार चल रहा है। - डॉ. एमपी शर्मा, मनोरोग चिकित्सक, नागरिक अस्पताल, पंचकूला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed