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वाहनों पर वीआईपी निशान लगाने वालों पर हरियाणा और पंजाब में भी हो कार्रवाई
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा चंडीगढ़ में वाहनों पर वीआईपी निशान वाले स्टीकर आदि पर प्रतिबंध के जो आदेश जारी किए थे, अब उन्हें हरियाणा और पंजाब में भी लागू करवाने की अपील करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। इसके साथ ही दोनों राज्यों में पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए पार्किंग पॉलिसी तैयार करने के आदेश जारी करने की भी अपील है।
गुरुग्राम निवासी दिनेश कुमार डाकोरिया ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर इस केस में दोनों राज्यों को भी पक्ष बनाने की मांग की है। अर्जी में उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 24 जनवरी को वाहनों पर वीआईपी निशान हटाने को लेकर जो आदेश दिए थे वे सिर्फ चंडीगढ़ तक ही सीमित हैं। दिनेश ने कहा कि यह समस्या सिर्फ चंडीगढ़ की नहीं बल्कि पंजाब और हरियाणा की भी है। दोनों राज्यों के निवासी अपने वाहनों पर प्रेस, पुलिस, वकील, प्रधान, मेयर आदि के स्टीकर और तख्तियां लगा कर रखते हैं। इस पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट को यह आदेश सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रखने चाहिए बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी आदेश को सख्ती से लागू करवाने के आदेश देने चाहिए। याची ने साथ ही चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब व हरियाणा में भी पार्किंग पॉलिसी बनाने के आदेश जारी करने की अपील की है। उसने कहा कि पंजाब और हरियाणा में वाहनों की पार्किंग एक बड़ी समस्या है और लोग घरों के बाहर सड़कों पर वाहन खड़े कर देते हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक कंजेशन बढ़ता है बल्कि अक्सर दुर्घटनाएं भी होती हैं। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तो ऐसे वाहनों को तत्काल टो करने के आदेश दे दिए हैं लेकिन यह आदेश पंजाब और हरियाणा के लिए नहीं है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस अर्जी पर हाईकोर्ट 28 फरवरी को सुनवाई करेगा।
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गुरुग्राम निवासी दिनेश कुमार डाकोरिया ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर इस केस में दोनों राज्यों को भी पक्ष बनाने की मांग की है। अर्जी में उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 24 जनवरी को वाहनों पर वीआईपी निशान हटाने को लेकर जो आदेश दिए थे वे सिर्फ चंडीगढ़ तक ही सीमित हैं। दिनेश ने कहा कि यह समस्या सिर्फ चंडीगढ़ की नहीं बल्कि पंजाब और हरियाणा की भी है। दोनों राज्यों के निवासी अपने वाहनों पर प्रेस, पुलिस, वकील, प्रधान, मेयर आदि के स्टीकर और तख्तियां लगा कर रखते हैं। इस पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट को यह आदेश सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रखने चाहिए बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी आदेश को सख्ती से लागू करवाने के आदेश देने चाहिए। याची ने साथ ही चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब व हरियाणा में भी पार्किंग पॉलिसी बनाने के आदेश जारी करने की अपील की है। उसने कहा कि पंजाब और हरियाणा में वाहनों की पार्किंग एक बड़ी समस्या है और लोग घरों के बाहर सड़कों पर वाहन खड़े कर देते हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक कंजेशन बढ़ता है बल्कि अक्सर दुर्घटनाएं भी होती हैं। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तो ऐसे वाहनों को तत्काल टो करने के आदेश दे दिए हैं लेकिन यह आदेश पंजाब और हरियाणा के लिए नहीं है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस अर्जी पर हाईकोर्ट 28 फरवरी को सुनवाई करेगा।
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