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निरीक्षण : वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं की समस्याओं का होगा निदान
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पंचकूला। उपायुक्त महावीर कौशिक ने मंगलवार को शहरी स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर-16 में निर्मित वन स्टॉप सेंटर पंचकूला का निरीक्षण किया। इस मौके पर महावीर कौशिक के साथ सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता नेहरा, शहरी स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर-16 की एसएमओ डॉ. ललिता, पंचायती राज पंचकूला के एसडीओ रमेश वर्मा और महिला विकास विभाग पंचकूला से पायल भी उपस्थित रहीं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिलाओं की समस्याओं के मद्देनजर वन स्टॉप सेंटर (सखी) की शुरूआत 31 अगस्त 2015 को की गई थी। वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिला, किशोरी की समस्याओं का समाधान एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाना है। इस सेंटर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उनके परिवार के साथ मिलकर समझौता करवाने समेत अन्य सहायता प्रदान की जाती है। वन स्टॉप सेंटर में किसी भी प्रकार की हिंसा जैसे घरेलू हिंसा, बलात्कार, अपहरण/गुमशुदा, दहेज, बाल विवाह, यौन शोषण से पीड़ित, बाल यौन शोषण, एसिड अटैक, महिला तस्करी से पीड़ित महिला को सहायता प्रदान की जाती है। इस सेंटर में केंद्र संचालिका, कानूनी सलाहकार, परामर्शदाता, कंप्यूटर ऑपरेटर, पुलिस फेसिलिटेशन अधिकारी और एएनएम की ओर से पीड़ित महिला की सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं।
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिलाओं की समस्याओं के मद्देनजर वन स्टॉप सेंटर (सखी) की शुरूआत 31 अगस्त 2015 को की गई थी। वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिला, किशोरी की समस्याओं का समाधान एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाना है। इस सेंटर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उनके परिवार के साथ मिलकर समझौता करवाने समेत अन्य सहायता प्रदान की जाती है। वन स्टॉप सेंटर में किसी भी प्रकार की हिंसा जैसे घरेलू हिंसा, बलात्कार, अपहरण/गुमशुदा, दहेज, बाल विवाह, यौन शोषण से पीड़ित, बाल यौन शोषण, एसिड अटैक, महिला तस्करी से पीड़ित महिला को सहायता प्रदान की जाती है। इस सेंटर में केंद्र संचालिका, कानूनी सलाहकार, परामर्शदाता, कंप्यूटर ऑपरेटर, पुलिस फेसिलिटेशन अधिकारी और एएनएम की ओर से पीड़ित महिला की सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं।
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